दोनों कुख्यात हिस्ट्रीशीटर, कई-कई मुकदमे हैं दर्ज
किशोर अवस्था से ही मुकेश व सगीर ने रख दिया था अपराध की दुनिया में कदम
क्रासर
घटना के बाद पुलिस प्रशासन में खलबली, कई स्थानों पर दबिश के बाद भी नही मिले दोनों फरार शातिर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। पुलिस कस्टडी से अलीगढ़ में फरार हुए मुकेश व सगीर हिस्ट्रीशीटर हैं। दोनों ने किशोर अवस्था में भी अपराध की दुनिया में कदम रख लिया। मुकेश पर 22 तो सगीर पर 4 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की मानें तो दोनों चोरी, लूट, जानलेवा हमला जैसी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इन दोनों के घरों व अन्य ठिकानों पर दबिश दी गई लेकिन इनका कोई पता नहीं चला। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन में खलबली मची रही। प्रतिसार निरीक्षक अलीगढ़ गए और वस्तु स्थिति की जानकारी की। वहीं एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा और एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने भी पूरे मामले की स्थिति जानी।
हसायन क्षेत्र के गांव धुवई निवासी सगीर पुत्र मुन्ने खां व सादाबाद क्षेत्र के गांव समदपुर हाल निवासी दयाल गार्डन आगरा निवासी मुकेश उर्फ छोटू पुत्र शंकरलाल की फरारी की खबर पर पुलिस ने इनके घरों व अन्य ठिकानों पर दबिशें दी, लेकिन कोई पता नहीं चला। इनकी तलाश हेतु कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी ले लिया। दोनों शातिर किस्म के अपराधी हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि मुकेश पर लूट, चोरी, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट, पुलिस मुठभेड़ के 22 मुकदमे सिकंदराराऊ, सादाबाद, हाथरस गेट, मुरसान आदि थानों में दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2006 में चोरी व लूट के मुकदमे कायम हुए थे। इनमें पेशी के लिए पुलिस अलीगढ़ जेल से उसे यहां किशोर न्याय बोर्ड लेकर आई थी। उस समय वह किशोर था। इसी तरह सगीर पर भी चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर के चार मुकदमे सिकंदराराऊ, छर्रा, हरदुआगंज आदि थानों में दर्ज हैं। वर्ष 2010 में उसने चोरी की एक वारदात को अंजाम दिया था। वह भी इस वारदात के समय किशोर था और उसे इस मुकदमे में पेशी के लिए पुलिस टीम किशोर न्याय बोर्ड लेकर आई थी। उन्होंने बताया कि दोनों शातिर किस्म के अपराधी हैं। इस जिले के अलावा आस-पास के जिलों में भी इन पर मुकदमे दर्ज है।