वहां फॉरेंसिक टीम को एक भी खून का धब्बा तक नहीं मिला। वहीं परिवार ने पुलिस को यह कहते हुए टहला दिया कि पहले इलाज करा लें, फिर कुछ बता पाने की स्थिति में होंगे। इस दौरान घर में मौजूद बहू ने कुछ बताने का प्रयास किया तो परिवार के इशारे पर बहू ने चुप्पी साध ली। परिवार से पुलिस ने यह जानने का प्रयास किया कि किस हथियार से घटना हुई। मगर अभी परिवार ने कुछ भी बताया नहीं है।
अभी तक परिवार ने इतना ही बताया कि वह तनाव में रहते हैं। इसी के चलते उन्होंने खुद को गोली मारी है। मगर न तो हथियार की सही जानकारी मिली और न घटना स्थल की। जहां घटना बताई, वहां खून के धब्बे नहीं मिले। अब गोली खुद मारी है या कुछ और। लाइसेंसी हथियार है या कुछ और। ये सब जांच व सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद साफ होगा। अभी परिवार उपचार करा रहा है।-अशोक कुमार सिंह, सीओ तृतीय
धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड के समय रहे थे सुर्खियों में
वैसे तो कारोबारी बांके व उनके पार्टनर पवन कभी शहर में सुर्खियों में नहीं रहते। न कारोबार के अलावा सक्रिय दिखाई देते। मगर उनके विषय में जानकारी मिली है कि वे अपने कारोबार के अलावा रीयल स्टेट में भी निवेश करते रहे हैं। कुछ वर्ष पहले बसपा नेता व रीयल स्टेट कारोबारी धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड के समय वे सुर्खियों में आए थे। मगर पुलिस को किसी तरह के तथ्य नहीं मिले थे।