शिवालयों पर रात से शुरू हुई श्रद्धालुओं की भीड़ दोपहर तक थमने का नाम नहीं ले रही है। हर किसी को भोले पर जलाभिषेक करने की जल्दी थी। भोले का जयघोष करते हुए जलाभिषेक कर अपनी मनोकामना मांग रहे थे।
सिद्धपीठ खेरेश्वर धाम पर तो शाम करीब चार बजे तक भक्तों की कतारें लगी हुई थी। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में ही जलपान कर व्रत शुरू किया। पूरे दिन रामघाट रोड से खैर रोड तक कावड़ियों के घुंघरुओं से रुनझुन होता रहा।
सुबह तक महानगर में लगाए गए भंडारों (शिविर) में भक्तों की सेवाएं होती रही। खेरश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने बताया कि डीआईजी गोविंद अग्रवाल, एडीएम सिटी अवधेश कुमार तिवारी, एसपी देहात और मेयर शकुंतला भारती ने भी भोले नाथ का आशीर्वाद लिया। करीब 250 सेवादार भक्तों की सेवा में रात से ही जुटे हुए थे। मंदिर परिसर में लगे मेले में लोग झूलों का लुफ्त उठा रहे थे। देर शाम आचार्यों ने बाबा का रुद्राभिषेक किया।
जयगंज स्थित श्री मंगलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में तड़के से ही भक्तों की भीड़ शुरू हो गई। भक्त भोले के जयघोष के साथ जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे तक करीब पांच कुंटल दूध की ठंडाई बांटी गई। दोपहर बाद तक भोले का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ चल रही थी।
श्री वार्ष्णेय मंदिर स्थित शिवालय में भोले के भक्तों में जलाभिषेक किया। मंदिर के प्रवक्ता भुवनेश आधुनिक ने बताया कि मंदिर महंत पं. मनोज मिश्रा, पं. महेश ब्रह्मचारी, पं. रोहित मिश्रा, पं. मदन गोपाल गौतम और पं. भरत गौतम आदि ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जलाभिषेक कराया। कार्यक्रम में मुख्य यजमान डा. चंद्र शेखर, डॉ. ऊषा शेखर, यजमान रंजन वार्ष्णेय और उनकी धर्मपत्नी अंजना वार्ष्णेय थी।
इसके बाद भोले के भक्तों ने जलाभिषेक शुरू किया, जलाभिषेक करने के लिए दोपहर तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी हुई थी। कार्यक्रम में मंदिर व्यवस्थापक राधे श्याम गुप्ता, पुखराज सर्राफ, राजाराम मित्र, गिरीश वार्ष्णेय, गुलाब चंद्र, देवेंद्र भोला, लक्ष्मी वार्ष्णेय, संजीव वैभव आदि रहे। चंदनिया स्थित प्राचीन संकट हरण महादेव मंदिर पर इस साल भी ठंडाई, खीर का वितरण किया। कैलाश बाबू, विशाल चौहान, सत्यप्रकाश, अजय, रिंकू, विजय, रवि, बल्लू पहलवान, संजीव, दिनेश आदि मौजूद रहे।