दुनियाभर में अपनी एथलेटिक्स प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले गुलवीर सिंह का गांव सिरसा एक बार फिर खुशियों से गुलजार हो गया। गुलवीर सिंह ने सोमवार को एशियन गेम्स में 1500 मीटर हीट में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। बेटे की सफलता पर मां और दादी खुशी से झूम उठीं।
साधारण कृषक परिवार से आने वाले गुलवीर ने वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में एक रजत और कांस्य पदक हासिल किया। एशियन गेम्स में 10 हजार मीटर में रजत के बाद अब 1500 मीटर हीट में भी रजत पदक जीतकर उन्होंने उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया। उनकी जीत पर गांव में मिठाई बांटी गई।
धावक की दादी गैंदों देवी ने बताया कि अब भगवान से यही प्रार्थना है कि आगे होने वाली दौड़ में गुलवीर देश के लिए सोना लेकर आए। परिवार के लोगों ने बताया कि वह काफी समय से गांव नहीं आए हैं। एशियन गेम्स के बाद उनके घर लौटने की संभावना है।
दुनियाभर में पहचान बनाने के बावजूद गुलवीर का पैतृक आवास आज भी पुराना है। इसमें पत्नी बबिता और बच्चे समेत परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। घर के बाहर बनी बैठक में गुलवीर के जीते मेडल, ट्रॉफी और तस्वीरें सजी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक उनकी सफलता में गांव के पूज्य उड़िया बाबा का भी आशीर्वाद रहा है। गुलवीर ने गांव में बने उड़िया बाबा के मंदिर के जीर्णोद्धार में भी योगदान दिया है।
बातचीत...
- लंबे समय से गुलवीर घर से दूर रहकर कड़ी मेहनत कर रहा है। उसकी मेहनत अब लगातार रंग ला रही है। एक मेडल और जीतकर लौटे तो उसे जमकर प्यार लुटाऊंगी।- लक्ष्मी देवी, मां।
- गुलवीर इसी तरह देश की सेवा करते हुए मान बढ़ाता रहे। उसकी हर सफलता पर परिवार को गर्व है। मेरा आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहेगा।- गेंदों देवी, दादी।
- गुलवीर भाई की उपलब्धि पर हम सभी को गर्व है। वह हमारे साथ पूरे देश के युवाओं की शान है। देश के लिए उसकी मेहनत आज रंग ला रही है। - आकाश, चचेरा भाई।
- अब पांच हजार मीटर में देश के लिए गोल्ड जीतने का सपना है। गुलवीर से इस उपलब्धि की पूरी उम्मीद है। दो रजत के साथ वह गोल्ड भी लेकर आए। - कुश चौधरी,स्थानीय निवासी।