गुलवीर सिंह का जन्म 1998 में अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के एक किसान परिवार में हुआ था। उनका बचपन बेहद साधारण परिस्थितियों में बीता। वर्ष 2018 में भारतीय सेना में भर्ती हुए। सेना में मिली बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं ने उनकी प्रतिभा को नई दिशा दी। बाद में उन्होंने आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण लिया।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में धावक गुलवीर सिंह ने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा। उन्होंने ग्लासगो के अलेक्जेंडर स्टेडियम में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। इसके साथ ही वह इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए।
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यूपी के जनपद अलीगढ़ के अतरौली तहसील के गांव सिरसा के धावक गुलवीर सिंह की इस उपलब्धि से देश के साथ उनके गांव व घर पर खुशी की लहर दौड़ गई। गांव सिरसा में उनके परिवार और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। 25 लैप की इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में गुलवीर ने धैर्य और समझदारी से प्रदर्शन किया। स्कॉटलैंड में लगातार बारिश और फिसलन भरे ट्रैक के बावजूद उन्होंने अपनी रणनीति नहीं बदली।
ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27 मिनट 48.93 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय लेकर रजत पदक अपने नाम किया। दोनों के बीच महज 0.85 सेकंड का अंतर रहा। इस पदक से भारत का 16 वर्षों का इंतजार खत्म हुआ। वर्ष 2010 में कविता राउत ने महिलाओं की 10,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था।
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गुलवीर सिंह का जन्म 1998 में अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के एक किसान परिवार में हुआ था। उनका बचपन बेहद साधारण परिस्थितियों में बीता। वर्ष 2018 में भारतीय सेना में भर्ती हुए। सेना में मिली बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं ने उनकी प्रतिभा को नई दिशा दी। बाद में उन्होंने आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण लिया।
वर्ष 2024 में अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में शुरू हुई विशेष ट्रेनिंग ने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी। इसके बाद उन्होंने 3,000 मीटर, 5,000 मीटर और 10,000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। वर्ष 2025 की एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीता।