500 रुपये तक कमाने वाले जूस विक्रेता पर आयकर विभाग के 7.79 करोड़ रुपये के नोटिस आने के बाद अब जीएसटी विभाग 500 बोगम फर्म की जांच कर रही है। वहीं जूस विक्रेता रईस ने कहा है कि मेरे पास कार नहीं है। न ही बंगला है। आमदनी प्रति माह 40 हजार रुपये की बताई है। जिसमें उसे नौ हजार रुपये की बचत है। ऐसे में करोड़ों रुपये की पेनाल्टी अदा करने में उसकी जिंदगी कम पड़ जाएगी।
जूस विक्रेता रईस को मिले आयकर विभाग के 7.79 करोड़ रुपये के नोटिस के बाद जिले की करीब 500 बोगस फर्म राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के रडार पर आ गई हैं। इन फर्मों को रडार पर लेकर इनके पिछले पांच साल के रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।
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रईस के पैन का कार्ड का इस्तेमाल पंजाब में बोगस कंपनी में हुआ था। उस पैन कार्ड पर जीएसटी पंजीकृत फर्म भी पाई गई। अलीगढ़ जिले में जीएसटी में 20 हजार पंजीकृत व्यापारी हैं। इस प्रकरण के बाद विभाग अब संदिग्ध लेनदेन को लेकर सतर्क हो गया है।
रईस प्रकरण के बाद विभाग किसी भी संदिग्ध दिख रहे लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है। जो भी जांच में सामने आएगा उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। - एसएस तिवारी, एडिशनल कमिश्नर, जीएसटी
इन बिंदुओं पर हो रही है अलीगढ़ की करीब 500 फर्मों की जांच
1- इनवॉयस फर्जीवाड़ा- फर्म के फर्जी इनवॉयस बनाकर जीएसटी क्रेडिट का दावा करने की जांच की जा रही है। इससे वह जीएसटी रिफंड हासिल करती हैं।
2- जीएसटी पंजीकरण में फर्जीवाड़ा - फर्म के फर्जी तरीके से पैन कार्ड आदि से जीएसटी पंजीकरण हासिल करने की।
3- सामान की गलत घोषणा - कम सामान दिखा कर कम जीएसटी दर पर सामान बेचने की जांच
4- जीएसटी रिटर्न में गलत जानकारी- फर्म के जीएसटी रिटर्न में गलत जानकारी देने और इसी आधार पर कम जीएसटी देने की जांच
5- फर्जी कंपनी बनाना - फर्म के फर्जी कंपनी बनाने, कंपनी के नाम पर फर्जी इनवॉयस बनाने की जांच।
6- जीएसटी क्रेडिट का दुरुपयोग - फर्जी फर्म बना कर उस फर्म के जीएसटी क्रेडिट का अपने व्यक्तिगत उपयोग करने की जांच।
7- फर्जी बिल बनाना- फर्म फर्जी बिल बनाने की जांच। बाद में इन बिलों के आधार पर जीएसटी क्रेडिट का दावा करने की जांच।
8- फर्जी जीएसटी पंजीकरण - जानकारी छिपाकर फर्जी जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने की जांच
9- फर्जी सामान की बिक्री - सामान बिका ही नहीं हो और उसे बिका दिखाकर उस सामान पर जीएसटी क्रेडिट का दावा करने की जांच।
10-. जीएसटी अधिकारियों को धोखा देने उनको गलत जानकारी देने, गुमराह करने आदि की जांच।
रईस ने कहा - मेरे पास न कार, न बंगला, न विदेश गया
आयकर का नोटिस आने के बाद 28 मार्च 2025 जवाब देने का आखिरी दिन है। रईस ने बताया कि उसके अधिवक्ता जवाब आयकर के पोर्टल पर अपलोड कर देंगे। इससे पहले आयकर विभाग पहुंच कर रईस ने अपना पक्ष रखा था। इस पर विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि वह इसका विभाग के पोर्टल पर ही जवाब दे। वही मान्य होगा।
बताया गया है कि रईस ने विभाग को तैयार किए अपने जवाब में कहा है कि मेरे पास कार नहीं है। न ही बंगला है। आमदनी प्रति माह 40 हजार रुपये की बताई है। जिसमें उसे नौ हजार रुपये की बचत है। ऐसे में करोड़ों रुपये की पेनाल्टी अदा करने में उसकी जिंदगी कम पड़ जाएगी। इसके अलावा रईस ने अपने पक्ष को साबित करने के लिए अपने बैंक खाते व अन्य वित्तीय पत्रों को भी साक्ष्य के रूप में लगाया है। इधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस ने पंजाब पुलिस से संपर्क साधा है। मामले की पूरी जानकारी दी है। पंजाब पुलिस ने इस प्रकरण में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया है