पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को न्यूनतम 2400 ग्रेड पे, चतुर्थ श्रेणी के पदों को मृत संवर्ग से हटाने समेत अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनरतले कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट पर जमकर धरना प्रदर्शन किया।
विकास भवन पहुंचे दर्जनों कर्मचारी सुबह दस बजे से पहले ही मुख्य द्वार पर ताला ठोंक दिया, जिससे अधिकारी भी अंदर नहीं जा सके। दोपहर एक बजे के बाद कुछ अफसर अंदर पहुंच सके। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगाें पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी एवं शिक्षक बड़ा आंदोलन खड़ा कर देंगे।
प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राज्य कर्मचारियों की 26, शिक्षकों की तीन एवं नगर निगम कर्मियों की दो मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सैकड़ों कर्मी कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए।
संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षक एवं कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है। सरकार के रवैये से कर्मचारी, शिक्षक बुरी तरह आहत है। जिला मंत्री नेकराम सिंह ने कहा कि प्रांतीय आह्वान पर राज्य कर्मचारियों, शिक्षक, नगर निगम, स्थानीय निकाय, आशा एवं आंगनबाड़ियों ने निर्णय लिया है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन छेड़ देंगे।
धरने में केएस शर्मा संरक्षक, देवेंद्र कुमार शर्मा, विमल कुमार सिंह, कमलेश शर्मा, ज्ञान प्रकाश शर्मा, खेम सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, सुरेश बाबू, अशोक बघेल, रामवीर सिंह, ओमवीर सुमन, प्रहलाद सिंह, जगदीश, गीतम सिंह आदि थे।
विकास भवन समेत अन्य दफ्तरों में ताले
अलीगढ़। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विकास भवन में दोपहर एक बजे तक मुख्य द्वार पर ताला लटका रहा। कर्मचारियों को रोकने के लिये कुछ लोग मुख्य द्वार पर मौजूद रहे। एक बजे के बाद विकास भवन के कुछ अफसर आए, लेकिन थोड़ी देर बैठकर चले गए। कृषि, वन, उद्यान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई विभाग व ब्लाक भी भी प्रभावित रहे। ब्लाक दफ्तर सूने पड़े रहे। तहसील एवं कलेक्ट्रेट में कामकाज हुआ।
हड़ताल में शामिल
पूर्ति विभाग, कृषि, वन, उद्यान, सिंचाई, पीडब्लूडी, आंगनबाड़ी, मनरेगा, वाणिज्यकर, शिक्षा, नगर निगम, ब्लाक कार्यालय, भूमि अध्यापित विभाग, लघु सिंचाई, पशुपालन, जिला सूचना विभाग, खेलकूद विभाग, सौर ऊर्जा विभाग, ग्राम विकास विभाग, आरईएस, नलकूप, समाज कल्याण एवं अन्य।