एएमयू के गृह विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मरियम फातिमा के निर्देशन में अर्चना कसौंधन ने पांच साल तक यह अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि 19 फीसदी किशोरों का वजन कम है तो 19 फीसदी का ज्यादा है। 40 फीसदी सामान्य हैं। 22 फीसदी मोटापे के शिकार हैं। असंतुलित खानपान और मानसिक तनाव सीधे वजन पर असर डाल रहे हैं।
चिंता और वजन का गहरा संबंध अध्ययन में यह भी सामने आया है। इसमें भी चिंता के कई आयाम जैसे अपराधबोध, आत्म-नियंत्रण, परिपक्वता और तनाव का बीएमआई से सीधा संबंध है। यानी जितनी अधिक चिंता, उतनी अधिक संभावना वजन में गड़बड़ी की है। अलीगढ़ जैसे शहरों में भी यह समस्या तेजी से उभर रही है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।-प्रो. सबा खान, अध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग एएमयू
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- 25 फीसदी किशोरों में चिंता का स्तर उच्च पाया गया
- 18 फीसदी किशोरों में चिंता का स्तर उच्च से भी अधिक
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- 35 फीसदी किशोरों को एक साथ ज्यादा खाने की आदत