15 अप्रैल (आज) से ग्रीन कॉरिडोर की शुरुआत हो रही है। प्रशासन ने तैयारी तो पूरी कर ली हैं, लेकिन धरातल पर यात्रियों की सुविधाओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं है। बौनेर तिराहे से लेकर तहसील तिराहे तक की गई पड़ताल में चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं।
पूरे रूट पर कुल 15 बस स्टॉप हैं। इनमें से केवल एक स्टॉप पर ही बैठने के लिए शेड बनाया गया है। बाकी अन्य स्थानों पर केवल खंभों पर साइन बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर दी है। चिलचिलाती धूप में यात्रियों के लिए छांव का ठिकाना तो दूर, खड़ा होना भी दूभर होगा।
रूट प्लानिंग पर उठ रहे सवाल
शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक अचल ताल पर कोई बस स्टॉप नहीं बनाया गया है। गांधी पार्क बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के बीच, जहां दूरी बेहद कम है, वहां दो स्टॉप बना दिए गए हैं। कई बस स्टॉप पर वेंडरों और ठेलों ने अपना सामान जमा लिया है, जिससे बस रुकने की जगह ही नहीं बची है।
फ्लाईओवर और ट्रैफिक का पेंच
इस रूट पर केवल ई-बसें चलेंगी। ई-ऑटो या सीएनजी ऑटो के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, एटा चुंगी चौराहे पर वर्तमान में फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे वहां से बसों का गुजरना ही एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अगर ऑटो रोके गए तो बच्चों संग देंगे धरना
अलीगढ़ ऑटो यूनियन के अध्यक्ष शिवा सिंह ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर में ई-बसें चलें इससे किसी को भी आपत्ति नहीं है, लेकिन ई- ऑटो और सीएनजी ऑटो को भी नहीं रोका जाए। अगर रोका गया तो ऑटो चालक अपने परिवार सहित नुमाइश मैदान में धरना देंगे।
नौ देवी मंदिर बस स्टॉप, जहां नो वेंडिंग जोन है। लेकिन यहीं पर वेंडर जम गए हैं। स्रोत अमर उजाला
नौ देवी मंदिर बस स्टॉप, जहां नो वेंडिंग जोन है। लेकिन यहीं पर वेंडर जम गए हैं। स्रोत अमर उजाला
नौ देवी मंदिर बस स्टॉप, जहां नो वेंडिंग जोन है। लेकिन यहीं पर वेंडर जम गए हैं। स्रोत अमर उजाला
नौ देवी मंदिर बस स्टॉप, जहां नो वेंडिंग जोन है। लेकिन यहीं पर वेंडर जम गए हैं। स्रोत अमर उजाला