खैर से गुजरने वाली करबन नदी के दोनों ओर 200-200 मीटर (जहां खेती योग्य भूमि नहीं है) के क्षेत्र में हरित पट्टिका विकसित कर पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। जहां खेती योग्य भूमि है, वहां पर नदी के दोनों ओर 15-15 मीटर चौड़ी हरित पट्टिका बनेगी।
कटान से निपटने के लिए और नदी के किनारे पेड़-पौधों के संरक्षण को बढ़ाने के लिए खैर से गुजरने वाली करबन नदी पर रिवर बफर (नदी के दोनों किनारों पर हरित हरित पट्टिका) का निर्माण कराया जाएगा।
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एडीए की महायोजना-2031 में विकास का खाका तैयार किया गया है। इसमें नदी से लेकर पार्क, प्रदर्शनी स्थल आदि को लेकर हरित पट्टिका का प्रावधान किया गया है। बारिश के समय में नदियों में अक्सर कटान की समस्या सामने आती है। जिसके कारण आसपास के इलाकों में पानी भर जाता है। इनसे निपटने के लिए रिवर बफर का प्रावधान किया गया है। खैर से गुजरने वाली करबन नदी के दोनों ओर 200-200 मीटर (जहां खेती योग्य भूमि नहीं है) के क्षेत्र में हरित पट्टिका विकसित कर पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। जहां खेती योग्य भूमि है, वहां पर नदी के दोनों ओर 15-15 मीटर चौड़ी हरित पट्टिका बनेगी। महायोजना में जिले में हरित पट्टिका के लिए 287.67 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है।
खैर नगर से गुजरने वाले करबन नदी पर रिवर बफर बनाने का प्रावधान महायोजना 2031 में किया गया है। इससे कटान आदि की समस्या दूर होगी। साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी बेहतर होगा।-अपूर्वा दूबे, एडीए वीसी।
महरावल में 534.20 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा पार्क
महायोजना 2031 में क्षेत्रीय पार्क का प्रस्ताव पहले की भांति है। क्षेत्रीय पार्क से लगी हुई भूमि पर दिल्ली-अलीगढ़ रेलवे लाइन के निकट महरावल में 534.20 हेक्टेयर भूमि क्षेत्रीय पार्क के तहत प्रस्तावित है। यह महायोजना क्षेत्र का 2.30 फीसदी है।