खैर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर के सामने कुल सात गांवों की लगभग 323 हेक्टेयर भूमि पर इस आधुनिक शहर को बसाया जा रहा है। शुरुआती चरण में करीब 70 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा, जिसके तहत 2,000 से अधिक छोटे-बड़े आवासीय और व्यावसायिक भूखंड (प्लॉट) तैयार किए जाएंगे।
ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। एडीए ने इस महत्वाकांक्षी योजना का विस्तृत लेआउट पूरी तरह तैयार कर लिया है। छह अगस्त को कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त संगीता सिंह की अध्यक्षता में होने वाली एडीए बोर्ड की बैठक में इस लेआउट को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। बोर्ड की मुहर लगते ही सितंबर में इस मेगा प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया जाएगा।
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खैर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर के सामने कुल सात गांवों की लगभग 323 हेक्टेयर भूमि पर इस आधुनिक शहर को बसाया जा रहा है। शुरुआती चरण में करीब 70 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा, जिसके तहत 2,000 से अधिक छोटे-बड़े आवासीय और व्यावसायिक भूखंड (प्लॉट) तैयार किए जाएंगे। नई भवन उपविधि-2025 के मानकों के अनुरूप तैयार इस लेआउट में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
शहर के मुख्य मार्ग को 45 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा, जबकि विभिन्न सेक्टरों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग 12 मीटर चौड़े होंगे। कॉलोनी के बीचों-बीच एक सेंटर पॉइंट विकसित किया जाएगा, जिसके आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विशेष भूखंड आरक्षित रहेंगे। योजना में चौड़ी सड़कें, भव्य ग्रीन बेल्ट, आधुनिक पार्क, खेल मैदान और जलापूर्ति व ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रमुखता से शामिल हैं।
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करीब 700 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश सरकार अब तक 350 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध करा चुकी है, जबकि शेष राशि एडीए अपने संसाधनों के जरिए खर्च करेगा। गौरतलब है कि सितंबर 2023 से किसानों की आपसी सहमति से इस योजना के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
एडीए के उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा के मुताबिक, अब तक करीब 250 हेक्टेयर भूमि प्राधिकरण के कब्जे में आ चुकी है, जिसमें लगभग 230 हेक्टेयर जमीन किसानों से सीधे खरीदी गई है और करीब 20 हेक्टेयर सरकारी भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत किसानों को अब तक लगभग 500 करोड़ रुपये का मुआवजा भी वितरित किया जा चुका है। बोर्ड बैठक से हरी झंडी मिलते ही एडीए इस योजना के धरातल पर उतरने के अंतिम चरण की तैयारियों को गति देगा।