इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज के अनुसार करीब 15 साल बाद अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का ऐसा महासंयोग बन रहा है। अष्टमी तिथि बृहस्पतिवार रात 2:25 बजे शुरू होकर चार सितंबर की रात 12:13 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार जन्माष्टमी चार सितंबर को मनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी पर जयंती योग, हंस योग, मालव्य राजयोग, बुधादित्य योग, हर्षण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दौरान चंद्रमा वृषभ राशि में रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे। देवगुरु बृहस्पति कर्क, सूर्य सिंह और शुक्र तुला राशि में रहेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इन शुभ संयोग में व्रत और भगवान श्रीकृष्ण का विधि-विधान से पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
जन्माष्टमी पर मनाई जाएगी मां योगमाया जयंती
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के साथ शुक्रवार को मां योगमाया की जयंती भी मनाई जाएगी। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मां योगमाया की विशेष पूजा-अर्चना होगी। ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि अष्टमी तिथि पर योगमाया जयंती का संयोग विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां योगमाया की आराधना करने से भय, बाधाओं और शत्रु संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।