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अलीगढ़: बेटे से बेइज्जती का बदला लेने के लिए दादा ने नातिन को मार डाला

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अभियुक्त रमेश - फोटो : CITY OFFICE
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खैर के मोहल्ला सराफान में दो साल की मासूम बच्ची की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि खुद बच्ची के दादा ने की थी। पुलिस ने बुधवार को इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी दादा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। खास बात है कि इस वारदात को अंजाम देने के पीछे दादा का मकसद अपने बेटे यानि मृत बच्ची के पिता से बेइज्जती का बदला लेना और अपने सगे भाई को हत्या में फंसाना था।
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एसपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि मोहल्ला सराफान निवासी मजदूर सत्यदेव दंपती शनिवार की रात रामलीला देखकर घर लौटे और खाना खाने के बाद छत पर सो गए। दंपती के बीच में उनकी दो साल की बेटी सृष्टि सोयी हुई थी, मगर सुबह बच्ची गायब मिली। काफी तलाशने के बाद भी जब बच्ची का सुराग नहीं लगा तो पुलिस को खबर दी गई। मामले में पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी थी। मंगलवार सुबह बच्ची का शव पड़ोसी मोहल्ले के तकिया करबला के पास नाली में पानी में उतराता मिला था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण पानी में डूबना आया था, जिसके आधार पर पुलिस ने अपहरण को हत्या में तरमीम कर जांच शुरू कर दी।
इस बीच शुरू हुई जांच व साक्ष्य संकलन में शक की सुई परिवार के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। इसी क्रम में बच्ची के परिवार के एक-एक सदस्य से बारीकी से पूछताछ शुरू हुई तो बच्ची का दादा रमेश चंद्र पुलिस के सवालों पर इधर-उधर घुमाने लगा। कई बार उसने सवालों के अलग-अलग जवाब दिए। इस पर उस पर संदेह गहराया और जब सख्ती से पूछताछ शुरू हुई तो आरोपी रमेश ने बच्ची की हत्या करना स्वीकारा। इस आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया गया।
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बेटे ने की बेइज्जती, भाई ने लिखाया मुकदमा, इसलिए दोनों से ‘रंजिश’
एसपी देहात ने बताया कि रात में कई घंटे की पूछताछ में आरोपी ने स्वीकारा कि उसके तीन बेटे व दो बेटियां हैं। एक बेटी अभी अविवाहित है। वह शराब पीने का आदी हो गया है। इसके चलते वह अपनी संपत्ति बेचना चाह रहा था। इसका तीनों बेटे विरोध करते थे। नशा करने पर सत्यदेव ने एक-दो बार टोका-टाकी की और एक-दो बार बेइज्जती करते हुए मारपीट तक कर दी। इसी पर वह बेटे को सबक सिखाना चाह रहा था। चूंकि उसके आठ साल बाद बेटी हुई थी और वह बेटी को बहुत प्यार करता था, इसलिए उसके मन में बेटी की हत्या कर सबक सिखाने का खयाल आया। इसके अलावा रमेश ने बताया कि उसके पड़ोसी सगे भाई से एक मर्तबा झगड़ा हो गया था। इस झगड़े में मुकदमा लिखवाया गया, जिसमें खुद रमेश, उसकी पत्नी व बेटों को नामजद किया गया। उन्हें पुलिस से छिपना पड़ा था। पारिवारिक व पंचायती तरीकों से भी रमेश का भाई उस झगड़े में सुलह करने के लिए तैयार नहीं हुआ था। इसलिए उसने प्लान बनाया कि नातिन की हत्या कर बेटे को सबक सिखाएगा और अपने भाई को इस हत्या में फंसाएगा, ताकि उस झगड़े में वह खुद ही सुलह के लिए तैयार हो जाए। उसका प्लान था कि बुधवार तक पुलिस उसके इर्द-गिर्द न पहुंचती तो वह किसी तरह अपने भाई के खिलाफ पुराने मुकदमे की रंजिश को जोड़ते हुए पुलिस को इशारा करता।
सीढ़ी लगाकर घुसा था घर में, फिर की हत्या
बुजुर्ग दादा ने बताया कि जब उसके बेटा-बहू सो गए तो घर में सीढ़ी लगाकर घुसा था। छत पर उसने देखा कि दोनों गहरी नींद में सो गए हैं। इसके बाद उसने बच्ची को वहां से चुपचाप उठाया और नीचे लाकर पहले उसका गला दबाया। इसके बाद नाले में पुलिया के नीचे उसका शव पानी में डुबो दिया। चूंकि पानी का बहाव था। इसलिए शव वहां से कुछ दूर आगे पहुंच गया और पानी में ऊपर आकर दिखने लगा।
150 लोगों से पूछताछ, तब पहुंची परिवार तक बात
इस घटना के खुलासे के लिए जब पहले दिन एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे थे, तो उन्होंने पहले ही दिन एसपी देहात, एसपी क्राइम, एसपी यातायात, सीओ खैर व क्राइम ब्रांच टीम को निर्देशित किया कि इलाके के लोगों से ज्यादा परिवार के लोगों की गतिविधियों पर जानकारी जुटाएं। इसके चलते एसपी देहात व अन्य अधिकारियों ने वहां कैंप करते हुए 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। इसके आधार पर परिवार पर ही शक की सुई पहुंची और घटना का खुलासा हो गया। परिवार के एक-एक सदस्य से पूछताछ में दादा पुलिस के सवालों में घिर गया।
टप्पल के बाद अब खैर में दादा आरोपी
पिछले माह टप्पल में भी ऐसी ही एक वारदात हुई, जिसमें पड़ोसी को फंसाने के लिए दादा दादी ने अपनी नातिन की हत्या कर दी थी। उसमें आठ साल की बच्ची को मारा गया। कहीं उसी घटना से प्रेरित होकर तो इस वारदात को अंजाम तो नहीं दिया गया, ऐसी भी चर्चाएं हैं।
- बच्ची की अपहरण के बाद हत्या में सगा दादा ही आरोपी निकला है। उसने स्वीकारा है कि शराब पीने का विरोध करते हुए बेटे ने उसकी बेइज्जती की थी। उसी का बदला लेने और पड़ोसी भाई को फंसाने के लिए उसने यह हत्या की है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी।
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