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अलीगढ़: सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाने की चर्चा से बेचैनी, निजीकरण की आशंका, यूएफबीयू बोला- हो पुनर्विचार

Tue, 27 Oct 2026 02:11 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में अपनी हिस्सेदारी 75 प्रतिशत तक करने पर विचार कर रही है। इसे लेकर निजीकरण की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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सरकारी बैंकों में केंद्र की हिस्सेदारी घटाने और विलय की संभावनाओं को लेकर बैंक कर्मचारियों में चिंता है। सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में अपनी हिस्सेदारी 75 प्रतिशत तक करने पर विचार कर रही है। इसे लेकर निजीकरण की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। 

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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ( यूएफबीयू) के अलीगढ़ जिला संयोजक प्रदीप चौहान ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक किसानों, छोटे कारोबारियों और आम लोगों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन बैंकों की जिम्मेदारी केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाना भी है।

उन्होंने कहा कि निजीकरण से कर्मचारियों के रोजगार और आम जनता को सुलभ बैंकिंग सेवाएं मिलने पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सरकार को सार्वजनिक बैंकों को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। प्रदीप चौहान ने निजीकरण की नीतियों पर पुनर्विचार करने और कर्मचारियों व आम जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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