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राज्यपाल ने ताला-हार्डवेयर बनाने की प्रक्रिया को समझा

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तालानगरी स्थितफैक्टरी में प्रोडक्ट देखतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। - फोटो : CITY OFFICE
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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को तालानगरी के सेक्टर-2 स्थित स्पाइडर लॉक फैक्टरी में गईं। उन्होंने वहां पर ताला-हार्डवेयर बनाने की प्रक्रिया को समझा। उनके साथ उनकी पुत्री अनार पटेल भी थीं। फैक्टरी के कांफ्रेंस रूम में ताला एवं हार्डवेयर के पार्ट्स भी देखे। फिर एक जिला एक उत्पाद से संबंधित तीन मिनट की फिल्म देखी। अलीगढ़ का ताला एवं हार्डवेयर एक जिला एक उत्पाद में शामिल है। उसके बाद पांच मिनट की दूसरी फिल्म दिखाई गई, जिसमें अलीगढ़ की मशहूर लीवर लॉक बनाने से संबंधित जानकारी थी। इस फिल्म में यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि लीवर लॉक कैसे बनता है।
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फैक्टरी के मालिक राजकुमार अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्य, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष गौरव मितल एवं उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार राज्य परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष ठाकुर रघुराज सिंह से ताला एवं हार्डवेयर इंडस्ट्री को लेकर बातचीत की। इस दौरान लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष गौरव मित्तल ने कच्चे माल की मूल्यवृद्धि से ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को हो रहे नुकसान से अवगत कराया। राज्यपाल को बताया गया कि 42 रुपये का लोहा अब 72 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसकी वजह से छोटे-छोटे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। फैक्टरी का भ्रमण कर प्लेटिंग, पॉलिश, लेंसरिंग एवं असेंबलिंग आदि का अवलोकन किया। उद्यमियों ने बताया कि 100 लोग लगते हैं तो एक ताला बनता है। 2500 करोड़ रुपये सालाना का कारोबार है और 200 से अधिक ताला निर्यातक हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करीब एक घंटे तालानगरी में रुकीं। गाय और बछड़े को गुड़ और चारा खिलाया। फैक्टरी परिसर में अर्जुन, रुद्राक्ष और हरसिंगार के पौधे लगाए। इससे पूर्व कंपनी की डायरेक्टर आशा अग्रवाल ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस मौके पर राजकुमार अग्रवाल, गीतिका अग्रवाल, शोभित अग्रवाल, साक्षी अग्रवाल, सौम्या अग्रवाल, मंजू गुप्ता आदि मौजूद थीं।
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तालानगरी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
तालानगरी स्थित स्पाइडर लॉक फैक्टरी एवं आसपास के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम थे। फैक्टरी डायरेक्टर के परिजनों और अन्य लोगों के आईडी को राज्यपाल के आगमन के पूर्व चेक किया गया। फैक्टरी में काम करने वाले लोगों को निर्धारित समय से बहुत पहले बुला लिया गया था। आसपास के भवनों पर सुरक्षाकर्मीं तैनात थे। फैक्टरी की तरफ जाने वाले रास्तों पर आवागमन रोक दिया गया था। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी मुनिराज जी एवं सीडीओ अनुनय झा सहित अन्य अधिकारी फैक्टरी के बाहर रहे। फैक्टरी के अंदर बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था। खस्ताहाल सड़क पर मिट्टी डालकर उसे समतल कर दिया गया था।
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