हत्या के आरोपी बंदी की सुरक्षा में तैनात सिपाही सतेंद्र यादव की रायफल दूसरे दिन यानी रविवार सुबह क्वार्सी के कयामपुर इलाके में नाटकीय अंदाज में जंगल में पड़ी मिल गई। ग्रामीणों ने जब रायफल देखी तो चौकीदार के माध्यम से पुलिस को खबर दी। इस खबर पर खुद एसओ क्वार्सी रायफल को मौके से बरामद कर लाए। अब यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर रायफल वहां तक कैसे पहुंची। इधर, सिपाही भी अभी पुलिस पुलिस हिरासत में है।
बता दें कि हत्या के आरोपी बंदी की सुरक्षा में शुक्रवार रात पुलिस लाइन से भेजे गए सिपाही सतेंद्र यादव ड्यूटी पर नहीं पहुंचा और रात को नशे में धुत होकर पहुंचा। इसके बाद तीन बजे उसने खुद की रायफल चोरी होने की खबर पुलिस को दे दी। इसके बाद से पुलिस परेशान घूमती रही। दिन भर की जांच के बाद पुलिस रायफल बरामद नहीं कर पाई। खुद सिपाही भी नहीं बता पाया कि वह रायफल कहां छोड़ आया। इसके चलते देर रात उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया और सिपाही निलंबित भी कर दिया। इसके बाद से सिपाही पुलिस हिरासत में है। इधर, रविवार सुबह गांव कयामपुर पर बाईपास के सहारे जंगल में लोगों ने रायफल पड़ी देखी और पुलिस को खबर दे दी। इस सूचना पर आनन-फानन मौके पर पहुंचे एसओ क्वार्सी रायफल बरामद कर लाए। एसओ क्वार्सी व बन्नादेवी के अनुसार रायफल बरामद हो गई है। मगर अभी यह नहीं पता कि यह रायफल वहां कैसे पहुंची। इसकी जांच जारी है और सिपाही हिरासत में है।
सिपाही ने तो नहीं फिंकवाई रायफल
इस तरह अचानक रायफल मिलने के बाद एकाएक इस चर्चा ने जन्म ले लिया है कि कहीं सिपाही ने शिकंजा कसने पर रायफल वहां तो नहीं डलवा दी। उसने खुद रायफल किसी माध्यम से गायब कराई हो और फिर शिकंजा कसने पर वहां डलवा दी हो। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है।