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Google Maps: सड़कों पर नहीं हैं सूचना बोर्ड, गूगल मैप भटका रहा रास्ता, यह वाला व्यू पहुंचाएगा मंजिल पर

Fri, 06 Dec 2024 04:04 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पूरी तरह से गूगल मैप पर निर्भर न रहें। अगर कहीं जा रहे हैं तो वहां के राहगीर या क्षेत्रीय लोगों से रास्ते की जानकारी लें। अगर देखना ही है तो सेटेलाइट व्यू के बजाय स्ट्रीट व्यू देखें। इससे सटीक जानकारी मिलने की संभावनाएं बढ़ जातीं हैं।
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गूगल मैप - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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गूगल मैप किसी को सड़क से सीधे खेत में तो किसी को नहर तक पहुंचा रहा है। जनपद के कई लोगों के साथ हाल ही में ऐसी घटनाएं हो चुकीं हैं। बरेली में हुई घटना के बाद अब हर कोई संभल कर चल रहा है, लेकिन सड़कों पर रास्तों की जानकारी देने वाले बोर्ड नहीं हाेने से गूगल मैप का प्रयोग मजबूरी बन चुका है। इसलिए लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।

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नियमानुसार नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जनपद के प्रमुख मार्गों पर रास्ते से संबंधित संकेतक बोर्ड, चेतावनी बोर्ड और जानकारी के बोर्ड होने चाहिए, लेकिन अब ये बोर्ड नहीं दिखते। जहां कुछ बोर्ड लगे हैं, वहां पर संबंधित रास्तों की पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में जब से गूगल मैप की सुविधा शुरू हुई है, तबसे चालक इसका ही प्रयोग कर रहे हैं। सड़क मार्ग से कहीं भी जाना हो तो पहला कदम गूगल मैप लगाना ही होता है। लेकिन, गूगल मैप पर आंखें बंद कर भरोसा करना भी ठीक नहीं है।

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केस 1
बीती 23 अक्तूबर को नितिन गुप्ता गूगल मैप के सहारे दिल्ली से अलीगढ़ का सफर कर रहे थे। इस दौरान गूगल मैप ने गभाना के पास उनको रास्ता घुमा दिया। किसी खेत की ओर ले गया। मार्ग से अंजान होने की वजह से नितिन कुछ समझ नहीं पाए। स्थानीय व्यक्ति की मदद के सहारे वह अपने गंतव्य तक पहुंच सके। वह दिल्ली से अलीगढ़ अपनी रिश्तेदारी में आए थे।
केस 2
बीते सप्ताह केशव वर्मा गूगल मैप के सहारे अलीगढ़ से दिल्ली जा रहे थे। बीच में गूगल ने उनको नया रास्ता दिखाया। वह भी नए रास्ते पर चल दिए। तकरीबन एक घंटा चलने के बाद कच्चे रास्ते पर पहुंच गए। रात का समय था, कोई भी दुर्घटना हो सकती थी। जैसे-तैसे वह मुख्य मार्ग तक पहुंचे। जहां से स्थानीय लोगों की सहायता लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचे।

स्थानीय लोगों से भी जानकारी करें
लंबे समय से गूगल मैप का इस्तेमाल करने से लोगों में उसके प्रति विश्वास बन गया है। ऐसे में अक्सर लोग सेटेलाइट व्यू देखकर सफर तय करते हैं। जानकार कहते हैं कि सेटेलाइट व्यू के बजाय स्ट्रीट व्यू का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे सटीक जानकारी मिलने की संभावनाएं बढ़ जातीं हैं। अनजान रास्तों पर सफर करते समय स्थानीय लोगों से जानकारी लें, इससे भ्रम की स्थिति दूर होती है। सेटेलाइट व्यू में मार्गों को स्पष्ट नहीं देखा सकता है। स्ट्रीट व्यू से ज्यादा सटीक जानकारी मिल जाती है।

यह बरतें सावधानी
  • गूगल मैप एप को अपडेट करते रहें।
  • सेटेलाइट व्यू की जगह स्ट्रीट व्यू का इस्तेमाल करें।
  • स्थानीय लोगों से जानकारी को पुख्ता कर लें।
  • सफर से पूर्व स्ट्रीट व्यू ऑन करें, क्योंकि यह अधिक समय लेता है।
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