शहर में चल रही इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में और बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्तमान में पांच रूटों पर 15 बसें संचालित हो रही हैं। अब 10 और ई-बसें मिली हैं। वहीं, विभिन्न रूटों और स्टॉपेज का नए सिरे से निर्धारण किया जा रहा है। शहर में 50 से अधिक स्थानों पर इन बसों का स्टॉपेज होगा।
प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पेट्रोल-डीजल व सीएनजी से चलने वाली महानगर बसों के स्थान पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की है। पहले चरण में पीएमआई कंपनी की ओर से 15 बसें संचालित की जा रही हैं। इनका सारसौल के एलमपुर स्थित चार्जिंग बस स्टैंड से संचालन हो रहा है। फिलहाल, पांच रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है।
इन रूटों पर चल रहीं बसें
महरावल से हरदुआगंज, मडराक से जेएन मेडिकल कॉलेज, खेरेश्वरधाम चौराहे से बौनेर, शिवदान सिंह इंजीनियरिंग कॉलेज से हरदुआगंज चौराहा, मंजूरगढ़ी से वाया छर्रा अड्डा- सारसौल चौराहा।
ये है नया प्रस्ताव
- हरदुआगंज चौराहा से महरावल रूट पर हरदुआगंज चौराहा, तालानगरी, क्वार्सी चौराहा, किशनपुर तिराहा, गांधी नेत्र चिकित्सालय, दुबे का पड़ाव, गांधीपार्क बस स्टैंड, रसलगंज चौराहा, सूत मिल चौराहा, सारसौल फल मंडी, महरावल तक बसें चलेंगी।
- मडराक से जेएन मेडिकल कॉलेज रूट पर मडराक, मुकुंदपुर, सासनीगेट चौराहा, हाथरस बस अड्डा, मदारगेट, गांधीपार्क बस स्टैंड, रसलगंज चौराहा, कोल तहसील तिराहा, तस्वीर महल, कलेक्ट्रेट, दोदपुर चौराहा होते हुए मेडिकल कॉलेज तक बसों का संचालन होगा।
- खेरेश्वर चौराहे से बौनेर रूट पर खेरेश्वर चौराहा, नादा पुल, सूत मिल चौराहा सारसौल, कोल तहसील तिराहा, रसलगंज चौराहा, गांधीपार्क बस स्टैंड, दुबे का पड़ाव, एटा चुंगी चौराहा, धनीपुर मंडी, बौनेर तिराहा तक बसें संचालित होंगी।
- शिवदान सिंह कॉलेज से हरदुआगंज चौराहा रूट पर शिवदान सिंह कॉलेज, सासनीगेट, हाथरस बस अड्डा, मदारगेट, गांधीपार्क बस स्टैंड, दुबे का पड़ाव चौराहा, गांधी नेत्र चिकित्सालय, क्वार्सी चौराहा, तालानगरी, हरदुआगंज चौराहा तक बसें चलेंगी।
- मंजूरगढ़ी से छर्रा अड्डा रूट पर महेशपुर तिराहा, धौर्रा माफी, क्वार्सी चौराहा, बाईपास एटा चुंगी, नौरंगाबाद, छर्रा अड्डा पुल, सारसौल तक बसें संचालित होंगी।
- शहर में अब 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी। इसके लिए बसों के नए रूटों के निर्धारण के साथ ही स्टॉपेज भी तय किए गए हैं। इस प्रस्ताव पर 14 सितंबर को कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में ही अंतिम निर्णय होगा। - शरद सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज