कथा के दौरान झूमते श्रद्धालु।
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कस्बे के न्यू हॉस्पिटल परिसर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के दौरान कथा वाचक कार्ष्णि मयंक उपाध्याय ने कहा कि अहम परमात्मा का भोजन है। वे सबसे पहले जीव के अहंकार का नाश करते हैं।
कथा में सती और राजा दक्ष के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि अभिमान के कारण राजा दक्ष ने यज्ञ में भगवान भोलेनाथ को आमंत्रित नहीं किया। जब सती को इसका पता चला तो वे बिना बुलावे ही यज्ञ में पहुंचीं, जहां शिव का अपमान देख वे क्रोधित हो उठीं और योगाग्नि में स्वयं को समर्पित कर दिया, जिससे यज्ञ का विध्वंस हो गया। इससे यह शिक्षा मिलती है कि पतिव्रत धर्म और आत्मसम्मान सर्वोपरि हैं। कथा में कार्तिकेय जन्म और तारकासुर वध का रोचक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।