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मेधा सम्मान पाकर मुस्करा उठीं छात्राएं

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ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस पर सम्मान समारोह में सम्मानित छात्र छात्राए। - फोटो : CITY OFFICE
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हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मेधा सम्मान पाकर छात्राएं मुस्करा उठीं।
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हिंदी मेधा सम्मान सीबीएसई के कक्षा 10 में नव्या शर्मा (हिंदी में 100 अंक), कक्षा 12 में आरजू सिंह, एकता माहेश्वरी, अनुभा अग्रवाल, डॉली कुमारी (97-97 अंक) को दिया गया।
सुलेख प्रतियोगिता में कक्षा यूकेजी की अनन्या सिंह, दक्ष चौधरी, उत्कर्ष चौधरी, कक्षा एक की जाह्नवी राजपूत, लक्ष्य चौधरी, प्राची, दो की राहिनी प्राची यादव, अभय वर्मा, तीन की अनुष्का शर्मा, उमा यादव, आर्यन सिंह, श्रुत लेख में कक्षा 4 की दीपिका कुमारी, गरिमा राजपूत, प्राची चौधरी, पांच के राम विजय चौधरी, शुभम पाल, डॉली नायक, विज्ञापन लेखन प्रतियोगिता में कक्षा छह व सात की दिव्या, प्राची, सुमित कौशिक, कक्षा नौ व 10 की खुशी रावत, खनक अग्रवाल, शिवानी सिंह को सम्मानित किया गया। हॉली डे अनुभव प्रतियोगिता में कक्षा 10 की कीर्ति सिंह, तनु शर्मा, हिमांशु क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। हिंदी ओलंपियाड में कक्षा 8 व 9 की भूमि जादौन, काजल चौधरी, रितेश परिहार, गुंजन दुबे, आदेश, रोनित सोनी, भावना पाल, अनुराग सिंह को सर्वोच्च पुरस्कार दिया गया।
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कक्षा 11 व 12 की ईशा शर्मा, काजल चौधरी, मानवी सिंघल, सपना सिंह, वाद-विवाद प्रतियोगिता में दिव्यांशी सिंह, कुमारी अंजलि, श्रुति शांडिल्य क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहीं। इन्हें भी सम्मानित किया गया। वहीं, अभिषेक उपाध्याय, दिलीप शर्मा, अलका सिंह, शालिनी रानी, दीपिका वार्ष्णेय, यजुवेंद्र सिंह, विजय लक्ष्मी, आरती सक्सेना, त्रिलोक पाल सिंह, तेजवीर सिंह, बच्चू सिंह, पल्लव शर्मा, दीपिका गिरिको उत्कृष्ट सेवा सम्मान दिया गया। इससे पूर्व कवयित्री डॉ. शुभम त्यागी ने कहा कि हिंदी ने पूरे विश्व में अपनी वैज्ञानिक आधार पर पहचान बना रखी है। शायरा रिहाना शाहीन ने कहा कि हिंदी व उर्दू हिंदुस्तान की बेहतरीन भाषाएं हैं।
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कवि गौरव चौहान ने कहा कि हिंदी को अपने हृदय की भाषा बनाकर हमें अपनी पहचान को कायम रखना होगा। इन लोगों ने कविताएं सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। प्रधानाचार्य श्याम कुंतैल ने कहा कि भारत का जो प्राण है, वो भारत के साहित्य में है। कहानीकार डॉ. प्रेमकुमार ने कहा कि साहित्य इस देश को संभालता है और संकुचित मन से साहित्य नहीं रचा जा सकता है। शिक्षाविद् डॉ. रक्षपाल सिंह, इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक शर्मा ने विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. गिर्राज किशोर, सुधा सिंह, सुदेश यादव आदि मौजूद रहे।
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