तनिष्का घर में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह गैस चूल्हे पर दूध उबाल रही अपनी मां के पास पहुंच गई। खाने के लिए चावल मांगने लगी। पत्नी ने जैसे ही पीठ घुमाई, बच्ची का हाथ गरम भगोने से छू गया। हाथ जलते ही बच्ची गिर पड़ी। भगोना में खौल रहा दूध भी बच्ची के ऊपर जा गिरा।
अतरौली के गांव दाउदगढ़ी में बीते नौ अक्तूबर को भगोना में खौल रहा दूध तीन साल की बच्ची के ऊपर गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसे अलीगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। दिल्ली में उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के बच्ची की मौत हो गई।
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पिता भूपेंद्र बघेल ने बताया कि बेटी तनिष्का (3) घर में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह गैस चूल्हे पर दूध उबाल रही अपनी मां के पास पहुंच गई। खाने के लिए चावल मांगने लगी। इसी दौरान पत्नी ने जैसे ही पीठ घुमाई, बच्ची का हाथ गरम भगोने से छू गया। हाथ जलते ही बच्ची गिर पड़ी। भगोना में खौल रहा दूध भी बच्ची के ऊपर जा गिरा। दिल्ली के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। छह दिन बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। दो भाई-बहन में वह छोटी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जिला पंचायत सदस्य प्रवेशवती देवी, रवेंद्रपाल सिंह ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। कोतवाल सुरेंद्र पांडेय ने बताया कि परिजनों ने घटना या बच्ची की मौत की सूचना नहीं दी है।