शहर के अति व्यस्त इलाके रसलगंज और जिला अस्पताल के सामने अंडरग्राउंड कूड़ा डंपिंग बाक्स बनेंगे। दिन में इनके ऊपर सामान्य रूप से ट्रैफिक चलेगा। रात में इनको हाइड्रोलिक लिफ्ट तकनीक से ऊपर लाकर खाली किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इनकी शुरुआत मछली वाली गली के मुहाने पर और जिला अस्पताल के सामने के कूड़ा कलेक्शन प्वाइंट पर करने की तैयारी है।
शहर के तंग हिस्सों की समस्याएं
- शहर में निश्चित भू भाग पर जो मकान एक मंजिला थे, वह अब दो या तीन मंजिल हो गए हैं। परिवार के सदस्य बढ़ गए। इससे कूड़ा भी बढ़ गया।
- सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ा। दिन के समय कूड़ा उठाने वाले वाहनों को समस्या भी होनेे लगी। आबादी वाले इलाके में कूड़ा डंपिंग का स्थान भी नहीं है।
- सड़क के ऊपर कूड़ा डंपिंग एनक्लोजर बनाया जाए, तो वहां पहले से ही तंग जगह और तंग हो जाएगी। इससे जाम की समस्या बढ़ जाएगी।
यूं निकला समाधान
हाइड्रोलिक लिफ्ट प्रणाली से समाधान की राह खुली। इंजीनियरों के साथ मिलकर नगर आयुक्त ने प्लान बनाया कि अंडरग्राउंड प्लेटफार्म पर कूड़े के कंटेनर रख दिए जाएंगे। दिन के समय कूड़ा इनके अंदर रहेगा। इनके ऊपर से ट्रैफिक गुजरता रहेगा। कोई समस्या नहीं होगी। रात के समय जब ट्रैफिक नहीं रहता है, तब लिफ्ट को ऊपर लाकर इन्हें खाली कर लिया जाएगा।
मछली वाली गली और जिला अस्पताल के सामने यह दो प्वाइंट ऐसे हैं, जहां जगह का अभाव है। जहां आबादी होगी, वहां कूड़ा भी होगा। अंडरग्राउंड कंटेनर की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इन दो स्थानों पर सफलता मिलने के बाद शहर के अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही व्यवस्था की जाएगी।
- संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त