प्रशासन ने निचली गंग नहर के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था की, ताकि आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। एसडीएम अतरौली अमान अंसारी, क्षेत्राधिकारी छर्रा धनंजय सिंह दिन भर टीम के साथ गश्त करते रहे। आसपास के कई थानों का पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
गंगा दशहरा पर्व 5 जून को पूरे जिले में धूमधाम से मनाया गया। सांकरा गंगा घाट पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ डुबकी लगाई। इस बार जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने बीते कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार इतनी भीड़ बीते दस वर्ष में कभी नहीं हुई।
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5 जून सुबह तीन बजे से ही सांकरा गंगा घाट पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर निजी गोताखोरों के साथ नाव लेकर पीएसी के जवान भी तैनात रहे, ताकि अनहोनी होने पर श्रद्धालुओं को बचाया जा सके। सुरक्षित स्नान कराने के लिए घाट के आगे नदी की ओर बांस बल्लियों से बैरिकेडिंग बनाई गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के लिए उचित और सुरक्षित स्थान दिया जा सके। घाट के किनारे ही वस्त्र बदलने के लिए टेंट लगाए गए। महिला श्रद्धालुओं ने इन्हीं टेंटों में वस्त्र बदले। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा पूजन कर दान पुण्य किया।
क्षेत्र में जगह-जगह भंडारे हुए। जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद लिया। रविकांत महाराज के आश्रम पर विशाल भंडारा हुआ। सांकरा से गंगा घाट जाने वाली सड़क के दोनों ओर मेले की दुकानें लगीं, जहां श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। प्रशासन ने निचली गंग नहर के पास वाहन पार्किंग की व्यवस्था की, ताकि आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। एसडीएम अतरौली अमान अंसारी, क्षेत्राधिकारी छर्रा धनंजय सिंह दिन भर टीम के साथ गश्त करते रहे। थाना दादों के प्रभारी सुनील तोमर भी टीम के साथ मौजूद रहे। आसपास के कई थानों का पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
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डूबने से बाल-बाल बचे गीतम
थाना अकराबाद क्षेत्र के गांव कासिमपुर निवासी गीतम सिंह अपने सात साथियों के साथ स्नान करने सांकरा आए थे। स्नान करते समय वे अचानक गहरे पानी में चले गए। उन्हें डूबता देख वहां स्नान कर रहे श्रद्धालुओं ने हल्ला मचाया। आननफानन पीएसी के जवानों ने उन्हें बाहर निकाला। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए बिजौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।