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धूमधाम से घर-घर विराजे गणपति, बप्पा के लगे जयकारे

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श्री वार्ष्णेय मंदिर में भगवान गणेश जी का दुग्धाभिषेक करते श्रद्धालु। - फोटो : CITY OFFICE
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कोरोना काल के चलते धार्मिक और सामूहिक आयोजनों पर पूर्णरूप से प्रतिबंध है। लेकिन गणेश चतुर्थी के अवसर पर शनिवार को लॉकडाउन में भी गणपति की भक्ति अनलॉक हो गई। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में गणपति की प्रतिमा विधि-विधान से स्थापित की। वहीं, गली-मोहल्लों से इकट्ठे होकर श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी शोभायात्रा निकालीं। नाचते-गाते हुए अबीर-गुलाल उड़ाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी के नियमों को ताक पर रखकर अपनी श्रद्धा जाहिर की।
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विगत पांच दशकों से शहर में 50 से लेकर 100 स्थान ऐसे हैं, जहां बड़े सामूहिक कार्यक्रम होते थे। धूमधाम से गणपति की प्रतिमा को स्थापित किया जाता था और गणेश उत्सव मनाया जाता था। लेकिन इस बार कोरोना काल के चलते बड़े आयोजन नहीं हो रहे हैं। मंदिरों में विशेष आयोजन भीड़ के बिना आयोजित हुए, लेकिन गणपति की भक्ति भक्तों के सिर पर ऐसी चढ़कर बोली कि लोगों ने मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी को भूलकर शोभायात्रा निकाली। अबीर गुलाल भी उड़ा, श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़ों की धुन पर नृत्य भी किया और सामूहिक रूप से गणपति की प्रतिमा को स्थापित किया। हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले शनिवार को काफी कम आयोजन हुए। अब गणपति की स्थापना के बाद घरों में गणेश उत्सव मनाया जाएगा।
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भंडारे का भी हुआ आयोजन
रामघाट रोड, जीटी रोड आदि जगहों पर श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन किया। राहगीरों को पूड़ी सब्जी के दौने बांटे गए। यहां भी कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया गया।
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शनिवार को भी प्रतिमाओं की हुई बिक्री
गणपति की प्रतिमाएं शनिवार को भी श्रद्धालुओं ने खरीदीं और अपने घरों में स्थापित किया। साथ ही सब्जी, दही, दूध, फल आदि की बिक्री भी सुबह सुबह हुई।
सोशल मीडिया पर साझा हुए बधाई संदेश
शनिवार को लोगों ने सोशल मीडिया पर गणेश चतुर्थी के बधाई संदेश साझा किए। फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से यह बधाई संदेश दोस्तों, रिश्तेदारों और परिजनों को साझा किये गए।
यहां हुए मुख्य आयोजन
श्री वार्ष्णेय मंदिर में गणेश भगवान के दुग्धाभिषेक में महंत पं. मनोज मिश्रा, पं. महेश ब्रह्मचारी, राधेश्याम गुप्ता, धीरेंद्र गुप्ता, श्याम, बृजेश कंटक, नेहा कंटक, भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक, संतोष डिब्बे वाले आदि थे। अचलताल स्थित श्री गणेश मंदिर में पुजारी विनयनाथ महाराज ने विशेष शृंगार, भोग प्रसाद, फूल बंगला और महाआरती का आयोजन किया। यहां दर्शन के लिए श्रद्धालु भी पहुंचे। वहीं, सराय हकीम गणेश मित्र मंडल के मीडिया प्रमुख विशाल देशभक्त और हर्षद हिंदू ने कहा की इस बार अधिकांश लोगों ने ईको फ्रेंडली मूर्तियों को घरों में स्थापित किया है।

प्राचीन सिद्ध पीठ श्री गिलहराज मंदिर में भगवान गणेश जी की आरती करते मंहत।- फोटो : CITY OFFICE

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