तहसील के वकील शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं। 19 जनवरी तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया है। वह लेखपालों के निजी कर्मचारी रखने और उनसे सरकारी काम कराने से नाराज हैं। आरोप लगाया कि शनिवार को लेखपालों के साथ काम करने वाले दो निजी कर्मचारियों को पकड़कर एसडीएम के पास ले गए लेकिन एसडीएम ने कार्रवाई करने के बजाय निजी कर्मियों का ही पक्ष लिया।
शनिवार को दि अधिवक्ता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वकीलों ने कहा कि तहसील में कार्यरत लेखपालों ने अपने साथ निजी कर्मचारी लगा रहे हैं। इन निजी कर्मचारियों के जरिये भ्रष्टाचार कर रहे हैं। बिना रुपया लिए कोई काम नहीं करते। तीन साल से लगातार ऐसे निजी कर्मचारियों को हटवाने की मांग की जा रही है लेकिन आज तक किसी भी लेखपाल के पास से निजी कर्मचारियों को नहीं हटवाया गया।
शनिवार को वकीलों ने लेखपालों के साथ काम करने वाले ऐसे ही दो निजी कर्मियों को पकड़ा और एसडीएम हरिश्चंद्र के समक्ष ले गए। एसडीएम ने भी पकडे़ गए निजी कर्मियों का ही पक्ष लिया। इससे वकीलों में रोष है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 19 जनवरी तक तहसील के सभी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस पर भी लेखपालों के साथ लगे निजी कर्मी नहीं हटाए गए तो आगे बैठक कर निर्णय लिया गया। बैठक में वकील विनेश कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, सतीश शर्मा, अर्पित शर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, देशवीर सिंह, चित्रवीर सिंह, प्रदीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।