अपनी जमीन पर कब लोन हो जाए और आपको पता नहीं चले। ऐसा ही एक मामला चंडौस के गांव ताजपुर निवासी किसान विक्रम सिंह पुत्र सुल्तान सिंह के साथ हुआ है। बैंक के किसी दलाल ने उनके 23 बीगा खेत की खतौनी को निकलवा कर उस पर 3 लाख 20 हजार रुपये का लोन अमृतपुर की आर्यावर्त बैंक से करा लिया। ये लोन फरवरी 2014 में लिया गया है।
अब इस लोन पर ब्याज लगकर कुल 3 लाख 80 हजार रुपये के हो गए हैं। किसान को पता जब चला जब 30 जनवरी को किसान के यहां तहसील की टीम वसूली के लिए घर पर पहुंची। किसान को ये बात पता चली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। किसान ने इसकी शिकायत बैंक मैनेजर से की।
मैनेजर जांच कराने की बात कह रहे हैं। किसान के नाम पर लोन किसी अन्य व्यक्ति का फोटो लगा कर लिया गया है। अब किसान चारों तरफ मारा फिर रहा है, लेकिन उसे कही से भी राहत नहीं मिल पा रही है। किसान बैंक मैनेजर और फील्ड ऑफिसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
बता दें कि इससे पहले भी चंडौस के कई और किसानों के नाम फर्जी लोन हो चुका है। किसान का कहना है कि हम लोग अपनी खेती को कैसे सुरक्षित करें। किसान को पता नहीं होता कि कब उसकी जमीन पर लोन हो जाए। ऐसे फर्जीवाडे़े पर रोक लगनी चाहिए।