पुलिस जांच के अनुसार घटनास्थल के निकट चंगेरी गांव के एक युवक की गुमटी है, जोकि जुआ होने की आम चर्चाओं के कारण जुआ झोंपड़ी के नाम से चर्चित है। इस सबकी चौकी स्टाफ को जानकारी थी। बताया जा रहा है कि दिनेश भी अक्सर वहां जाता था, जहां ऑनलाइन लूडो से लेकर ईंट की गोटी और ताश के पत्तों से जुआ खेला जाता था। घटना से कई दिन पहले जुए में हारने की कहकर दोस्त से 25 हजार रुपये मांगे जाने की जानकारी निकल कर आ रही है। पुलिस जांच के अनुसार दिनेश वहां जुआ खेलने वालों को रुपया भी देता था। था। इस गुट में एक अनुसूचित जाति का एक युवक शामिल है वह भी रुपये देता था। उसके यहां लकड़ी का काम भी होता है, जिससे जुड़े औजार (वसूला) से दिनेश की निर्मम हत्या की गई थी और वह मौके से बरामद भी हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक पूर्व प्रधान को भी हिरासत में लिया था, जिसे शुक्रवार दोपहर जिम्मेदारों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
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अकराबाद की महिला इसलिए रडार पर
वहीं पुलिस को इस मामले की जांच पड़ताल में अकराबाद क्षेत्र की एक महिला की जानकारी मिली है। उस महिला की दिनेश से मोबाइल पर बात होती थी। जिसके आधार पर एक टीम इस दिशा में भी काम कर रही है। दिनेश के पास दो सिम थे, जिसमें से एक सिम पर अज्ञात नंबर से कॉल आती थी और वह उसी दूसरी नंबर से उस पर बात करता था।
एसपी देहात तक से की शिकायत, तब सक्रिय हुई पुलिस
क्षत्रिय महासभा के डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने बताया कि घटना के लगभग सात-आठ दिन बाद तक दिनेश के मोबाइल की सीडीआर न मिलने पर उन्होंने थानाध्यक्ष से लेकर सीओ और एसपी देहात तक से शिकायत की थी, जिसके बाद नौ नवंबर को पुलिस को सीडीआर मिली, जिसे लेकर कस्बा पुलिस परिजनों से मिली तथा उनसे सीडीआर में आए नंबरों की पहचान करने की बात कही।
विधायक रवेंद्र पाल सिंह ने दिनेश के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया, कहा कि जल्द ही हत्यारे पकड़े जाएंगे। वहीं ग्रामीणों ने भी हत्याकांड के शीघ्र खुलासे की मांग की है। क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने भी गांव पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया है।
यह था मामला
बता दें कि गांव नगरिया भूड़ का दिनेश उर्फ अबनू तीन नवंबर को शेखाझील के पास हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया गया। इस दौरान जंगली जानवर शव से मांस तक नोचकर खा गए। बुधवार को कुछ हड्डियों, हत्या में प्रयुक्त वसूला देखकर पुलिस को सूचना भी दी थी लेकिन पुलिस ने घटना को लापरवाह तरीके से लिया था। बृहस्पतिवार सुबह टी-शर्ट व चप्पलों से शव की पहचान की गई, तब टुकड़ों में बिखरे मिले कंकाल को समेटा गया था। एसएसपी ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी प्रशांत और दरोगा सुरेंद्र को निलंबित कर दिया था।