छर्रा मंडी से धान बिक्री का रुपया लेकर गांव लौट रहे दो दोस्तों को रुखाला गांव के पास अज्ञात वाहन टक्कर मारकर निकल गया। हादसा रात 8:30 से 9 बजे के बीच का है। हादसे में दोनों के शव इतनी बुरी तरह कुचले कि टुकड़े तलाशने में पुलिस-परिजन को आधा घंटा लग गया। बाइक भी दो हिस्सों में बंट कर बिखर गई थी।
थाना गंगीरी के गांव कुमरौआ निवासी राहुल (18) पुत्र हरिओम सिंह ने करीब तीन दिन पहले छर्रा मंडी में धान बेचा था। धान बेचने की कुछ रकम आढ़ती के पास बकाया रह गई थी। यह बकाया धनराशि लेने के लिए बुधवार को राहुल अपने दोस्त ललित के साथ बाइक से शाम करीब 6:30 बजे छर्रा के लिए गांव से निकले थे। मंडी में आढ़ती के पास से रुपये लेकर दोनों गांव लौट रहे थे, तभी छर्रा-कासगंज रोड पर गांव रुखाला के पास सामने से आया अज्ञात वाहन जोरदार टक्कर मारकर निकल गया।
टक्कर लगते ही बाइक टूटकर दो हिस्सों में बंट गई। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि टक्कर लगने पर हुई धमाके जैसी आवाज सुनकर वह भागकर पास पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ ग्रामीणों को दोनों के कई हिस्सों में बंटे शवों को ढूंढने में आधा घंटा लग गया। पुलिस से मिली खबर पर परिजन रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। दोनों के शवों के टुकड़े-टुकड़े देख लोग कांप गए। कोतवाली निरीक्षक सुशील कुमार योगी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
परिजन ने बताया कि राहुल ने डेढ़ महीने पहले ही बाइक खरीदी थी। वह अपने पीछे माता-पिता और दो बहनों को जबकि ललित अपने पीछे माता-पिता और भाई व दो बहनों को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।
मृतक की जेब में नहीं मिले रुपये
परिजन के साथ मौके पर पहुंचे कुमरौआ गांव निवासी शिवराम ने बताया कि आढ़ती से करीब 50 हजार रुपये लेकर राहुल-ललित बाइक पर गांव लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलने के बाद जब वह लोग मौके पर पहुंचे तो राहुल-ललित के पास से यह रुपये नहीं मिले। सीओ गर्वित सिंह ने बताया कि मृतकों के पास कितने रुपये थे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, न परिजन ने ऐसी कोई सूचना दी है।