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फेसबुक खोले राज तो पकड़े जाएं जालसाज

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अभिषेक शर्मा
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कोरोना काल में जिस गति से फेसबुक एकाउंट हैकिंग या क्लोनिंग के जरिये जालसाजी के प्रकरण बढ़े हैं, उस गति से अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित फेसबुक मुख्यालय से मदद नहीं मिल पा रही। आलम यह है कि हैकर या क्लोन तैयार करने वाले शातिरों की डिटेल तीन-तीन महीने में नहीं मिल पा रही है। वहां से इसकी वजह बताई जा रही है कि कोरोना और लॉकडाउन के कारण संभव नहीं हो पा रहा। ऐसे में जिला पुलिस की साइबर सेल के सामने इन जालसाजों को पकड़ने में दिक्कत आ रही है। यह समस्या अकेले अपने जिले की नहीं, बल्कि प्रदेश भर की है।
कोरोना काल के बीच साइबर हैकरों ने एक नए तरह की जालसाजी शुरू की है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति का फेसबुक एकाउंट या तो हैक कर लेते हैं या उसका क्लोन (उसी नाम व फोटो का हू ब हू एकाउंट) तैयार कर लेते हैं। फिर उस एकाउंट स्वामी के फेसबुक दोस्तों को मदद के संदेश भेजकर तत्काल मदद के नाम पर ऑनलाइन रुपये मांगे जाते हैं। कभी-कभी कोई दोस्त बिना जांच पड़ताल किए, मदद कर देता है और ठगी का शिकार हो जाता है। ऐसे अपने जिले में अनगिनत प्रकरण कोरोना काल में सामने आए हैं। एसपी सिटी अलीगढ़ और डीएम तक के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना ली गई थी। दोनों मामलों में मुकदमे दर्ज हुए। साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 80 ऐसे एकाउंट सही किए गए हैं, जो हैक किए गए थे। काफी संख्या में क्लोन एकाउंट ब्लाक किए गए हैं। मगर, फेसबुक मुख्यालय से कोरोना काल में डिटेल नहीं मिल पा रही है। साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि अमूमन सामान्य दिनों में एक महीने में अमेरिका से डिटेल मिल जाती थी। अब तीन-तीन महीने बीत गए, मगर डिटेल नहीं मिली है।
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-साइबर सेल के जरिये हैकरों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। जो भी शिकायतें मिल रही हैं, उन पर काम किया जा रहा है। बैंक एकाउंट से लेकर फेसबुक एकाउंट हैकिंग की शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। फेसबुक मुख्यालय से डिटेल मिलने में दिक्कत आ रही है। लगातार पत्राचार किया जा रहा है। हाल ही में हमारी साइबर सेल ने एक करोड़ से अधिक रुपया बैंक एकाउंट हैकिंग में वापस कराया है। 80 से ज्यादा फेसबुक एकाउंट हैक होने के बाद सही किए हैं।
- मुनिराज जी एसएसपी
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