इगलास के कजरौठ से चलने के बाद तोछीगढ़ बंबा चौराहा, हाथरस बाईपास पर इगलास चौराहा फिर मीतई तिराहा। बाईपास के इन दोनों स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस की तैनाती रहती है। लेकिन बाइक को रोकने की किसी ने कोशिश नहीं की। चंदपा थाने के सामने से होकर सादाबाद तक पहुंचे। कई जगह पुलिस की गश्ती पीआरवी भी मिली होंगी।
वह तो बच्चे थे....हम और आप तो बड़े हैं
तीनों छात्राएं नाबालिग थीं। वह नहीं समझ पाईं होंगी कि यह सफर किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। लेकिन अगर पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती। जागरूक लोगों ने ही इन्हें टोक दिया होता तो शायद ऐसी दर्दनाक खबर जिसे लिखने में भी हाथ कांप रहे हैं न बनती। यह तो एक हादसा है लेकिन अगर आप अपने आसपास सडक़ों पर देखेंगे तो तमाम बच्चे बड़ी भारी भारी मोटरसाइकिल दौड़ाते दिख जाएंगे। अब सवाल यह उठता है कि इनके हाथ में बाइक देता कौन है। जाहिर सी बात है कि हम और आप ही देते होंगे। लेकिन सभी को सोचना पड़ेगा। इस पर स्कूल-कालेजों को भी आगे आना होगा। नियम बनाने होंगे। तभी इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
ये चारों लोग बाइक पर सवार थे। इसी बीच तेज गति की बाइक अचानक अनियंत्रित होकर रिक्शा से टकरा गई। जिससे वह चारों बाइक सहित सडक़ पर गिर कर घिसट गए। इसी से आई चोटों से इनकी मृत्यु हुई है।-हिमांशु माथुर, सीओ सादाबाद
वाहन पर ट्रिपलिंग को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। स्कूल-कालेजों में भी जानकारी दी जाती है। एक बार फिर से अभियान चलाया जाएगा। पुलिस को भी चौकस किया जाएगा कि अगर कहीं कोई एक बाइक पर तीन या चार नजर आते हैं तो उन्हें तत्काल रोका जाए।-मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी यातायात