लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में ‘वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट’ योजना के अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर का स्टाल लगाया गया है। यहां सबसे पहले मास्टर लॉक्स बजाज ग्रुप के ताले और हार्डवेयर का प्रदर्शन किया गया है। संयुक्त उद्योग निदेशक सुधांशु तिवारी ने बताया कि ये कार्यक्रम एक साल तक चलेगा।
जिसमें सभी इच्छुक उद्यमी अपने-अपने स्टाल 10 से 15 दिन के रूटीन में लगा सकेंगे। इसके लिए सभी प्रमुख उद्यमियों को सूचित किया गया है। 26 जनवरी के मौके पर राज्यपाल राम नाईक, सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने संयुक्त रूप से अलीगढ़ के चार प्रमुख उद्यमियों को सम्मानित किया।
इसमें निर्यात श्रेणी में अग्रवाल मैटल्स के महेश चंद गर्ग, दक्षता पुरस्कार (हस्तशिल्प) अनिल कुमार गुप्ता, सर्विस श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार संजीव पाराशर, सूक्ष्म लघु उद्यमियों की विशेष गुणवत्ता पुरस्कार श्रेणी में नरेश कंस्ट्रक्शन कंपनी के नरेश गुप्ता को दिया गया। इसी श्रेणी में स्पाइडर मेटल प्रोडक्ट प्रा.लि. के आरके अग्रवाल को सम्मानित किया जाना था, लेकिन वह निजी व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में समय से नहीं पहुंच सके। अब उनका सम्मान बाद में उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ के ताला स्टाल का निरीक्षण इस कारोबार की जानकारी की।
संयुक्त निदेशक सुधांशु तिवारी ने बताया कि अवध शिल्प ग्राम में वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना के तहत अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर उद्योग को चमकाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। यहां पर उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से बड़े खरीददार (बायर) भी आ रहे हैं। यहां पर बायर टू बायर और सेलर टू बायर दोनों तरह से अलीगढ़ के उत्पादों को बेहतर मार्केटिंग के विकल्प उपलब्ध कराना ही एक मात्र लक्ष्य है। इस दौरान जो भी फीडबैक मिलेगा। उस पर काम कर खामियों को दूर कराया जाएगा। जिससे इस योजना का लाभ वृहद स्तर पर मिल सके। इससे पहले बुधवार 24 जनवरी को हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के 8, मुद्रा योजना के पांच और स्टार्टअप योजना के दो उद्यमियों को सम्मानित किया गया था।
अब इन्वेस्टर्स मीट की तैयारी
संयुक्त निदेशक उद्योग सुधांशु तिवारी ने कहा है कि अभी अवध शिल्प ग्राम में लगे स्टाल से मिल रहे फीडबैक पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही फरवरी में होने वाली इन्वेस्टर्स सम्मिट में अधिक से अधिक निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य भी निर्धारित है। इसके लिए भी अभी से प्लानिंग की जा रही है। जिससे अलीगढ़ में भी निवेश को लाया जा सके। यहां ताला और हार्डवेयर कारोबार में निवेश की अच्छी गुंजाइश है। अगर दो तीन बड़ी इकाइयां लग जाएं तो यहां के युवाआें को रोजगार मिलने के साथ ही अलीगढ़ में ताला और हार्डवेयर उत्पादन भी बढ़ सकेगा। इसके लिए रिपोर्ट तैयार कराई जा रही हैे।