लड़की पक्ष के अधिवक्ता चंद्रांशु पाठक के अनुसार बीएसए की रिपोर्ट आने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए माना है कि लड़की ससुराल जाने का बयान दे रही है। बीएसए की रिपोर्ट भी उसकी सही उम्र स्पष्ट नहीं कर सकी है। ऐसे में विवेचक को आदेश दिया गया है कि मामला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाए। वहीं से अब अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
बीएसए ने दी ये रिपोर्ट
बीएसए की ओर से अदालत में दी गई रिपोर्ट के अनुसार प्रोमिस पब्लिक स्कूल ने 30 जून 2005 की जन्मतिथि बताते हुए अपने यहां कक्षा एक से पांच तक पढऩा दिखाया है। मगर प्रवेश के समय जन्म का कोई प्रमाण पत्र लेना नहीं बताया। उपस्थिति व परीक्षाफल पंजिका भी नहीं दिखाई। इसलिए यह दस्तावेज संदिग्ध माना गया है। इनाया पब्लिक स्कूल ने आधार कार्ड के आधार पर 1 जनवरी 2006 जन्मतिथि दिखाकर कक्षा छह से प्रवेश दिखाया है। उपस्थिति व परीक्षाफल पंजिका भी दिखाई। इस आधार पर प्रोमिस व इनाया पब्लिक स्कूल को नोटिस जारी किया गया है। अब दोनों स्कूलों से इस मामले में आगे के जवाब सामने आएंगे।
तीसरे जीडीएमएस स्कूल ने एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के जन्म प्रमाण पत्र के साथ 9 नवंबर 2005 जन्मतिथि बताई है। इसी प्रमाण पत्र से लड़की को कक्षा दो से चार तक पढ़ाना बताया। विद्यालय ने उसकी उपस्थिति और एसआर पंजिका दिखाई है। जेएन मेडिकल कॉलेज की डिस्चार्ज स्लिप को आधार मानकर जीडीएमएस स्कूल के रिकार्ड से जन्मतिथि 9 नवंबर 2005 मानी जा सकती है।