नयाबांस नहर पुल के पास चेकिंग के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जामा तलाशी में इनके पास तमंचा, कथित लूटी गई बाइक, 3500 रुपये की नकदी, मोबाइल फोन व एटीएम कार्ड बरामद हुए थे।
अलीगढ़ के थाना खैर क्षेत्र में पांच साल पुराने चोरी व लूट के मामले में एडीजे-11 पीके जयंत की अदालत ने चार आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर मामले में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस ने गलत साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को फंसाया था। सच्चाई सामने आ गई।
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थाना खैर में 12 अप्रैल 2021 को तत्कालीन एसएसआई रंजीत कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस का दावा था कि नयाबांस नहर पुल के पास चेकिंग के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जामा तलाशी में इनके पास तमंचा, कथित लूटी गई बाइक, 3500 रुपये की नकदी, मोबाइल फोन व एटीएम कार्ड बरामद हुए थे। एक अन्य आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर उन्हें चोरी और लूट की घटनाओं में शामिल बताया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। इस पर अदालत ने विजेंद्र निवासी बघेल नगर, क्वार्सी, कोमल निवासी काका गांव, इगलास, टीटू निवासी वेदरामपुर, पहासू, बुलंदशहर व कालीचरन निवासी याकूतपुर, महुआखेड़ा को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही तत्कालीन एसएसआई रंजीत कुमार, विवेचक एसआई अंकित कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए डीएम व एसएसपी को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी आदेश दिए हैं।