लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रिजर्व बैंक कानपुर शाखा का दिल पसीज ही गया। वहां से नोटबंदी के बाद दूसरी बार बड़ी राशि के रूप में 100 करोड़ रुपया बैंकों को मिल गया। हालांकि करीब 500 करोड़ की डिमांड के सापेक्ष यह पैसा काफी कम रहा। बावजूद इसके अब तक कम नकदी के चलते बमुश्किल काम चला रही बैंकों को थोड़ी राहत अवश्य मिली।
करीब एक माह से खाली ग्रामीण बैंकों और डाक विभाग की झोली में भी थोड़ी बहुत राशि आने से इन विभागों में भी नई स्फूर्ति दिखाई दी। हालांकि बैंकों में लगी लाइनों में ग्राहकों व बैंककर्मियों के बीच झड़पों के दौर शुक्रवार को भी जारी रहे।
नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक द्वारा मात्र एक बार 40 करोड़ रुपया भेजा गया था। इसके बाद तो जनपद की 33 बैंकों की 200 से अधिक शाखाओं को एक एक पाई के लिए तरसना पड़ा था। इन विकट परिस्थितियों में एसबीआई, केनरा बैंक, सिंडीकेट बैंक समेत कुछ अन्य बड़ी बैंकों को छोड़कर अन्य बैंक शाखाओं को चलाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
दो सप्ताह पहले थोड़ा बहुत पैसा तो आया, लेकिन ऊंट के मुंह में जीरे के समान। लेकिन शुक्रवार को आया 100 करोड़ रुपया बैंकों और पिछले 45 दिनों से लाइन में लग रहे लोगों को थोड़ी राहत दे गया। इसके चलते घंटों लाइन में लगने के बाद ग्राहकों को मायूस होकर नहीं, बल्कि थोड़ी बहुत राशि लेकर लौटते देखा गया।
लेकिन फजीहत के दौर आज भी जारी रहे। सासनीगेट स्थित पीएनबी बैंक शाखा के बाहर एटीएम की लाइन में लगे दो ग्राहक अपने नंबर को लेकर आपस में भिड़ गए। इस दौरान जमकर मारपीट हुई।
इसी क्षेत्र की केनरा बैंक शाखा के बाहर भी दो ग्राहक आपस में भिड़े। रामघाट रोड स्थित केनरा बैंक में कम राशि मिलने से नाराज ग्राहक एवं कैशियर में नोकझोंक हुई।
एसबीआई मुख्य शाखा में भी एटीएम की लाइन में लगे दो लोग गार्ड से उलझते नजर आए। एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक देवदत्त शर्मा ने स्वीकार किया कि रिजर्व बैंक से शुक्रवार सुबह करीब 100 करोड़ रुपया आया है। इसे डाक विभाग एवं ग्रामीण बैंक शाखाओं समेत अन्य शाखाओं में बांट दिया गया है।