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Aligarh News: फादर्स डे पर संकल्प और पिता के हत्यारोपी पूर्व प्रधान को मारी गोली

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उपचार कराते गोली लगने से घायल जयवीर सिंह - फोटो : samvad
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फादर्स डे पर पिता की हत्या के बदले का संकल्प लेकर हमलावरों ने बुढ़ासी क्षेत्र के गांव बरानदी में बुधवार को अनुसूचित जाति के पूर्व प्रधान जयवीर सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना को उस समय अंजाम दिया गया, जब वे खेत पर चारा लेने गए थे। हमले में जयवीर सिंह के सीने में गोली लगी है। घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां हालत खतरे से बाहर है। दो भाइयों पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है। नामजद दूसरे भाई की भूमिका की जांच की जा रही है।
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जयवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे गोशाला के पास पट्टे पर लिए खेत में चारा लेने गए थे। इसी दौरान गांव के मोहित और योगेश पुत्र महिपाल सिंह वहां पहुंचे और तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए जयवीर खेतों में भागे, लेकिन हमलावर पीछा करते रहे और तीन राउंड फायर किए। शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर मौके की ओर दौड़े, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। परिजन घायल को सीएचसी हरदुआगंज ले गए, जहां से उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बाद में जयवीर के पिता की तहरीर पर दोनों नामजदों पर एफआईआर दर्ज की गई है। एसएसपी नीरज जादौन ने बताया है कि मामला हत्या से जुड़ी पुरानी रंजिश का है। पूर्व में जयवीर पर हमले के आरोपियों के पिता की हत्या का आरोप लगा था, जिसमें वह जेल गया था। नामजद योगेश को हिरासत में ले लिया है, उससे पूछताछ की जा रही है। दूसरे की भूमिका की जांच व तलाश की जा रही है। घायल की हालत खतरे से बाहर है।

2007 के हत्या कांड से जुड़ रहा मामला
पुलिस के अनुसार हमले के आरोपी मोहित व योगेश के पिता ठाकुर महिपाल सिंह बाबा की 2007 में हत्या हुई थी, जिसमें पूर्व प्रधान जयवीर सिंह नामजद हुआ और जेल गया था। हालांकि उस अपराध में गवाह महीपाल के भाई व पड़ोसी से समझौते के आधार पर जयवीर सिंह बरी हो गया। पुलिस के अनुसार ठाकुर महिपाल सिंह प्रभावशाली व्यक्ति थे, जिनकी पंचायत चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। 2007 से पहले के चुनाव में जयवीर सिंह चुनाव हार गया था। उस हार का जिम्मेदार मानते हुए जयवीर पर महीपाल की हत्या का आरोप लगा था।
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आठ जुलाई को होनी है आरोपी योगेश की शादी
अब तक की पुलिस जांच में इस घटना में योगेश मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। वह अपने बड़े भाई मोहित संग एक बीयर फैक्ट्री में ठेकेदारी का काम करता है। योगेश की आठ जुलाई को शादी होनी है। उससे पहले उसने इस घटना को अंजाम दे दिया। इधर, देर रात हिरासत में लिए गए योगेश ने पुलिस के सामने पूछताछ में स्वीकारा है कि 21 जुलाई को फादर्स डे पर उसने सोशल मीडिया पर बहुत सी पोस्ट देखीं। तभी उसे अपने पिता की याद आ गई। बस उसी दिन उसने पिता की हत्या का बदला लेने की ठान ली। चूंकि जिस समय पिता की हत्या हुई, उस समय वह दोनों भाई छोटे थे। चाचा व पड़ोसी ने किस हालात में समझौता किया। वे सब उनकी समझ से बाहर था। मगर अब उसने हत्या का बदला लेने की ठानी और बुधवार सुबह घर से फैक्टरी जाने की कहकर निकला। मगर फैक्टरी न जाकर इस घटना को अंजाम दिया। उसने घटना में अपने भाई के शामिल न होने की बात कही है। यह भी बताया कि पड़ोस के गांव के कुछ दबंग व आपराधिक प्रवृत्ति के युवकों से मिलकर उसने तमंचे का इंतजाम किया है। इधर, इस घटना पर बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह आदि ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल का हाल जाना और मामले में पुलिस से उचित कार्रवाई की बात कही है।
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