फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh: 29 साल बाद आया फैसला, थाने में हुए बवाल के मुकदमे से बरी हुए पूर्व सपा विधायक

Fri, 31 Jan 2025 10:51 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सपा के तीन बार के पूर्व विधायक वीरेश यादव पर कुल चार मुकदमे दर्ज थे। जिनमें वर्ष 2022 में प्रक्रिया पूरी हुई और क्रमवार इन तीन वर्षों में चारों मुकदमों में वे बरी हो गए।
विज्ञापन
पूर्व सपा विधायक वीरेश यादव - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ के दादों थाने में वर्ष 1996 में हुए उपद्रव के दौरान आगजनी-तोडफ़ोड़ के मुकदमे से सपा के पूर्व विधायक वीरेश यादव सहित 19 आरोपी 31 जनवरी को बरी कर दिए गए। 29 वर्ष पुराने इस मुकदमे में तीन पुलिसकर्मियों के बयानों के आधार पर एमपी-एमएलए मामलों की सुनवाई वाली निचली अदालत ने यह फैसला सुनाया है। इस तरह पूर्व विधायक खुद पर दर्ज चौथे मुकदमे में भी बरी हुए हैं। 

विज्ञापन


बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार ये घटनाक्रम 6 फरवरी 1996 का है। दादों थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार सपा के पूर्व विधायक वीरेश यादव समर्थकों के साथ अपहरण के एक मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में थाने गए थे। उनका तर्क था कि पुलिस ने निर्दोष व्यक्ति को पकड़ रखा है। असल व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं की जा रही। इसी दौरान भीड़ उग्र हो गई। थाने में उपद्रव के दौरान तोड़फोड़ की गई। वाहनों में आगजनी हुई। इस दौरान मौके से पूर्व विधायक वीरेश यादव सहित 23 आरोपी जेल भेजे गए और एकराय होकर सरकारी कार्य में बाधा, आगजनी तोड़फोड़ व उपद्रव आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले में चार्जशीट के आधार पर लंबे समय तक सभी आरोपियों के एक साथ अदालत में हाजिर न होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। 

यह प्रक्रिया वर्ष 2022 में पूरी होने पर मुकदमे में विचारण हुआ। बचाव पक्ष के अनुसार इस मामले में पुलिस की ओर से तीन गवाह दो सिपाही जगत सिंह व बृजेश कुमार के अलावा एसएचओ एसपी सिंह गवाही के लिए आए। तीनों ने पूर्व विधायक को लेकर यह तथ्य पेश किया कि घटना के समय वीरेश यादव थाने के अंदर थे। बाहर से उग्र होकर भीड़ आई। जिसे रोकने के लिए वीरेश यादव पुलिस की मदद कर रहे थे। इसी गवाही के आधार पर बचाव पक्ष की ओर से अदालत में तर्क रखे गए और शुक्रवार को पूर्व विधायक सहित सभी 19 आरोपी बरी कर दिए गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

चार आरोपियों की हो चुकी मौत

इस मुकदमे में विचारण के दौरान चार आरोपियों की मौत हो चुकी है, जो बरी हुए हैं उनमें पूर्व प्रधान कुंवरपाल, चंद्रपाल, रनवीर सिंह, बाबू सिंह, शंकर सिंह, उदयवीर, नत्थू सिंह, अनार सिंह, सत्यप्रकाश, रामभरोसे, मक्खन सिंह, रमेश, नेत्रपाल, नेम सिंह, केहरी सिंह, सुरेंद्र कुमार, फाल सिंह, नत्थू सिंह द्वितीय भी शामिल हैं।

तीन वर्ष में बरी हुए चारों मुकदमे
सपा के तीन बार के पूर्व विधायक वीरेश यादव पर कुल चार मुकदमे दर्ज थे। जिनमें वर्ष 2022 में प्रक्रिया पूरी हुई और क्रमवार इन तीन वर्षों में चारों मुकदमों में वे बरी हो गए। 31 जनवरी को जिस मुकदमे में वे बरी हुए हैं, उसकी वापसी के संबंध में शासन से 2014 में संस्तुति आई थी। मगर अदालत ने मुकदमे को वापसी योग्य न मानते हुए मुकदमा वापस लेने संबंधी प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें