अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के अंतिम सेमेस्टर की बची हुई परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से कराए जाने का एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष ने कड़ा विरोध किया है। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी 1 अगस्त तक छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अब्दुल हफीज गांधी ने दलील देते हुए कहा है कि ऑनलाइन माध्यम से सेमेस्टर परीक्षा होने से वह छात्र जो इंटरनेट में निपुण नहीं हैं, उनको परेशानी होगी। इसके अलावा देहात क्षेत्र में इंटरनेट की कनेक्टिविटी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। वे छात्र जिनकी पृष्ठभूमि तकनीकी रूप से मजबूत नहीं है उनको भी ऑनलाइन तरीके से सेमेस्टर परीक्षा देने में परेशानी होगी। अब्दुल हफीज गांधी के समर्थन में 200 से अधिक लोगों ने सोशल मीडिया पर ट्वीट और रिट्वीट किया है।
इसके अलावा हजारों लोगों ने लाइक करके अपना समर्थन दिया है। अब्दुल हफीज गांधी ने इस संबंध में कुलपति को भी लिखित में पत्र भेज दिया है। इससे पहले एएमयू ने सभी स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की अंतिम सेमिस्टर की परीक्षाऐं आनलाइन ओपन बुक पद्वति से कराने का निर्णय लिया । पिछले सेमिस्टर अथवा वर्ष के छूटे हुए पर्चे भी इसी पद्वति से कराऐ जाएंगे। फाइनल सेमिस्टर परीक्षाऐं आनलाइन ओपन बुक पद्वति से 10 जुलाई 2020 के बाद और छूटी हुईं परीक्षाएं 5 से 10 जुलाई 2020 के बीच होगी।
कोविड-19 के दृष्टिगत विश्वविद्यालय 1 अगस्त से पहले नहीं खुलेगा। इसलिए बाहर से आने वाले छात्र अलीगढ़ आने के लिये तब तक यात्रा न करें जब तक कि इस सम्बन्ध में अमुवि कंट्रोलर या एएमयू की वेबसाइट पर इससे संबंधित कोई जानकारी न दी जाए ।इसके साथ ही 15 जून से विश्वविद्यालय के छात्रावासों में डाइनिंग सेवा भी बंद की जा रही है। इसलिए छात्र इससे पहले ही अपना घर जाना सुनिश्चित कर लें।