फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा के बूथ अध्यक्ष की हत्या में बेटे समेत पूर्व चेयरमैन नामजद

विज्ञापन
चौधरी मनवीर सिंह, पूर्व चेयरमैन, जट्टारी - फोटो : HAZIYAPUR
विज्ञापन
पिसावा थाना क्षेत्र के गांव दमुंआका निवासी भाजपा के बूथ अध्यक्ष सचिन की हत्या में जट्टारी के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चौ. मनवीर सिंह, उनके बेटे आकाश समेत छह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। उधर पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गांव में शव का अंतिम संस्कार किया गया। पांच साल के बड़े बेटे समर ने पिता के शव को मुखाग्नि दी।
विज्ञापन

मंगलवार की सुबह से दमुंआका गांव में शोक व्यक्त करने वालों के पहुंचने का तांता लगा रहा। भीड़ को देखते हुए सीओ संजीव दीक्षित व एसओ पिसावा भारी फोर्स के साथ गांव में मौजूद रहे। उधर वारदात के विरोध में नगलिया बिजना व पिसावा का पूरा बाजार मंगलवार को बंद रहा। सचिन की पत्नी सीमा देवी की ओर से पति की हत्या में जट्टारी नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन चौ. मनवीर सिंह, उनके पुत्र आकाश, राजू व गजेंद्र पुत्र भागचंद्र निवासी दमुंआका के अलावा दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीमा देवी के अनुसार दो दिन पहले सचिन ने उन्हें बताया था कि जट्टारी चेयरमैन चौ. मनवीर सिंह मेरी हत्या की योजना बना रहा है। उसके यहां बदमाश बैठे हैं। पत्नी के अनुसार मनवीर सिंह के साथ उनके परिवार की पुरानी रंजिश है। मनवीर सिंह इससे पहले भी पति सचिन व चचेरे देवर प्रशांत की हत्या की कोशिश कर चुका था। सचिन के चाचा दिनेश वकील भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के बृज प्रांत के मंत्री हैं।
पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा
हजियापुर (अलीगढ़)। सचिन की हत्या के बाद पत्नी सीमा देवी का हालत बिगड़ गई। मंगलवार की सुबह उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से दोपहर के बाद आराम मिलने पर घर भेज दिया गया। घर पर ही डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। सीमा ने बताया कि वारदात से कुछ देर पहले ही उनकी सचिन से बात हुई तो दो मिनट में गांव लौटने की बात सचिन ने कही थी। इसके बाद हत्या की खबर आई। सचिन की हत्या से पिता वीरपाल सिंह व मां राजेश देवी का भी रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन

दोषी पाया जाऊं तो जनता बीच चौराहे लगा दे फांसी
भाजपा के बूथ अध्यक्ष सचिन की हत्या में आरोपी पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन चौ. मनवीर सिंह ने कहा कि भाजपा नेता दिनेश वकील ने जट्टारी के व्यापारियों से चौथ वसूली कराकर अपने भतीजों को बदमाश बनाया। जो जैसा करेगा उसको वैसा ही फल मिलेगा। हत्या में मेरा और मेरे पुत्र का नाम राजनैतिक रंजिश के कारण घसीटा जा रहा है। पुलिस-प्रशासन की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। यदि जांच में दोषी पाया जाता हूं तो जनता मुझे बीच चौराहे फांसी लगा सकती है।
पिता के सामने ही ले ली बेटे की जान
सोमवार की शाम नकाबपोश हमलावरों ने पिता वीरपाल सिंह के सामने ही उनके बेटे सचिन की गोलियाें से छलनी कर जान ले ली। भगदड़ के बीच पिता पास पहुंचे तो शव देखते ही दहाड़ मारकर बिलख पड़े। बेटे की जान बचाने के लिए लोगों से मदद की गुहार लगाने लगे।
सचिन खाद-बीज की दुकान पर गए थे इसी बीच उनके पिता वीरपाल सिंह पिसावा में अपना क्लीनिक बंद कर गांव लौट रहे थे। गांव नगलिया बिजना के तिराहे पर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि कुछ बदमाशों ने एक युवक पर हमला किया है। वह युवक दमुंआका गांव की ओर भागा तो गांव के रास्ते के कोने पर खडे़ अन्य बदमाशों ने उस युवक पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इसके बाद हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले। आसपास के दुकानदार दुकानें बंद कर भाग निकले। इसी बीच वीरपाल सिंह कुछ लोगों के साथ मृतक को पहचानने के लिए पास पहुंचे तो अपने बेटे सचिन चौधरी को देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें