अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पहले की अपेक्षा अब विदेशी छात्रों को अधिक आकर्षित कर रहा है। पिछले पांच वर्षों में यहां पर पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में दो गुना इजाफा हुआ है। पांच वर्ष पहले करीब 350 विदेशी छात्र यहां पढ़ते थे, जबकि अब यह संख्या 715 तक पहुंच गई है। सबसे अधिक विदेशी छात्र यमन और थाईलैंड के हैं। पाकिस्तान की भी एक छात्र यहां पर अध्ययन कर रही है।
एएमयू में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की बात करें तो यहां पर अफगानिस्तान के 42 छात्र पढ़ रहे हैं। अमेरिका के दो, बांग्लादेश के 60, कनाडा के 3, मिश्र के 7, एकोडोरिया के 2, ईरान के 15, इंडोनेशिया के 66, ईराक के 29, जार्डन के 49, लीबिया के 2, मॉरीशस के 8, नेपाल के 20, न्यूजीलैंड के 1, नाइजीरिया का 1, फलस्तीन के 13, पाकिस्तान की 1, सूडान के 3, सोमालिया से 1, सीरिया से 1, थाईलैंड से 117, तुर्कमेनिस्तान से 21, यमन से 151 विद्यार्थी यहां पर पढ़ रहे हैं। इनमें 153 छात्राएं हैं। इसके अलावा 170 एनआरआई विद्यार्थी भी हैं, इनमें 65 छात्राएं हैं।
431 विद्यार्थी ग्रेजुएशन कर रहे हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन में 125 और रिसर्च में 229 विद्यार्थी हैं। इस तरह विदेशी विद्यार्थियों को सर सैयद का यह चमन खूब रास आ रहा है।
जब किसी विश्वविद्यालय की रैंकिंग बढ़ती है तो इसका बेहद सकारात्मक असर पड़ता है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल बना रहे। शांति की स्थिति रहे तो विदेशी छात्र आकर्षित होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय में अनुशासन की स्थिति में भी सुधार हुआ है। इसके अलावा भारत के जिन देशों के साथ संबंध बेहतर हो रहे हैं, उन देशों के विद्यार्थी भी यहां पर पढ़ने आ रहे हैं।’
- डॉ. राहत अबरार, एसोसिएशन एमआईसी, एएमयू।