इमरजेंसी के बाहर डॉक्टर के इंतजार में मरीज को लेकर खड़े तीमारदार।
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एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के 64 साल के इतिहास में पहली बार 11 महीने में जूनियर डॉक्टरों ने छह बार हड़ताल की है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना दो अक्तूबर 1962 में हुई थी।
मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करके अलग-अलग विभागों में शीर्ष पदों पर आसीन प्रोफेसरों ने कहा कि उनके जमाने में एक-दो साल में एक हड़ताल होती थी। लगातार हो रहे कार्य बहिष्कार और इमरजेंसी सेवाओं के ठप होने से न सिर्फ मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था प्रभावित हुई, बल्कि अलीगढ़ और आसपास जिलों के हजारों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जून 2025 से मई 2026 तक हर बार किसी न किसी विवाद, चाहे वह तीमारदार और डॉक्टर के बीच झड़प हो, महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता या सुरक्षा को लेकर इमरजेंसी की सेवाओं को ठप कर दिया गया। ताजा घटना मंगलवार को हुई। इससे पहले भी दो अप्रैल, 22 मार्च और चार जनवरी 2026 को अलग-अलग घटनाओं के बाद डॉक्टरों ने काम बंद किया। 2025 में सितंबर और जून-जुलाई के दौरान भी हड़ताल हुई।