बिन मौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे किसान खून के आंसू बहाने को मजबूर हो गए हैं। आंखों के सामने उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो रही है। खेतों में पानी भर गया है। बारिश होने से जहां धान की फसल खराब हुई है। वहीं कट चुकी धान की फसल पानी में डूब गई है।
इस बार जिले में 85 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में धान की फसल है। इसमें से करीब 50 हजार हेक्टेयर फसल उठ चुकी है। इस समय 15 हजार हेक्टेयर फसल की कटाई हो चुकी है। 20 हजार हेक्टेयर धान खेतों में खड़ी है। जो तेज हवाएं चलने से गिर गई हैं, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। दूसरी ओर सरसों, बाजरा आदि समेत अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है।
इस समय पत्ता गोभी, फूल गोभी आदि सब्जी की लगाई गई पौध भी खराब हो गई है। उड़द, मूंग, तिल्ली समेत दलहन एवं तिलहन की फसलें झमाझम बारिश के कारण काफी हद तक बर्बाद हो रही है। लाहा, सरसों एवं आलू की फसल की तैयारी कर रहे किसानों का काम भी बारिश से प्रभावित हो गया है। खेत सुबह, दोपहर, शाम और रात में हो रही भारी बारिश के चलते ताल-तलैया बन चुके हैं।
30 फीसदी तक फसलें हुई बर्बाद
बारिश से देहात क्षेत्र के अतरौली, हरदुआगंज, इगलास, खैर, गभाना, छर्रा, गंगीरी, अकराबाद, जवां, कासिमपुर आदि में धान की पकी खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश के साथ चली हवा से धान, बाजरा, सरसों आदि की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। जबकि खेतों में कटे पड़े धान और प्याल के भीग जाने से भी किसानों को नुकसान हुआ है।
फसल बीमा के लिए किसान टोल फ्री नंबर पर फसल को हुए नुकसान के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-889-6868, पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा उप कृषि निदेशक, अलीगढ़ के कार्यालय में लिखित रूप में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। किसान बीमा कंपनी द्वारा तहसील स्तर पर तैनात प्रतिनिधियों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। -
अभिनंदन सिंह, जिला कृषि अधिकारी