कोहरे से लड़खड़ाने लगी है ट्रेनों की चाल
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अभी कोहरे कम है। अभी पाला नहीं गिरा है। अभी विजिबिल्टी थोड़ी ही कम हुई है। इसके बावजूद ट्रेनों की चाल इस कदर लड़खड़ा गई है कि अधिकांश ट्रेनें 2 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं। यही नहीं छह ट्रेनें तो ऐसी है जो 10 से 30 घंटे तक लेट हैं। यानी एक दिन और आधी रात तक ट्रेनें लेट हैं। इतना ही नहीं ये सब तब है जब ट्रेनों की बिगड़ी चाल दुरुस्त करने के लिए चार ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। अप आम्रपाली एक्सप्रेस, डाउन आम्रपाली एक्सप्रेस, डाउन गोमती एक्सप्रेस, डाउन कैफियात एक्सप्रेस 30 नवंबर को रद्द रहीं। स्टेशन मास्टर एके गौड़ ने बताया कि कुछ ट्रेनें लेट चल रहीं है जिसकी सूचना मुसाफिरों को दी जा रही है।
सोमवार की टिकट पर बुधवार को पहुंचे इलाहाबाद
अलीगढ़। सोमवार शाम 5 बज तक 10 मिनट पर आने वाली डाउन लिच्छवी एक्सप्रेस अलीगढ़ से मुजफ्फरनगर जाने के लिए एक दिन की देरी से आई। ट्रेन दूसरे दिन शाम को अलीगढ़ पहुंची। आनंद बिहार से चलने वाली इस ट्रेन में सवार पप्पू निवासी आनंद बिहार और शिव कुमार निवासी नोएडा ने बताया कि ट्रेन के इंतजार में पूरे 26 घंटे गुजर गए। इसके बाद ट्रेन आनंद बिहार से चली। बुधवार की शाम को ट्रेन इलाहाबाद पहुंच पाई है। एस-7 कोच में सवार इन मुसाफिरों ने बताया कि अगर समय से उनको जानकारी दे दी जाती तो वो ट्रेन का इंतजार स्टेशन पर नहीं करते।
धुंध से लेट हो रहीं हैं बसें और ट्रेनें
अचानक हुए कोहरे के कारण ट्रेनों और बसों की रफ्तार कम होती जा रही है। आलम ये है कि सोमवार को अलीगढ़ से चलने वाली ट्र्रेनें बुधवार की शाम तक इलाहाबाद तक का सफर तय कर पा रहीं है। कुछ ट्रेनें तो 30-30 घंटे देरी से चल रही हैं। कोहरे के कारण हाईवे और अंदरूनी मार्गों पर भी विजिबिल्टी कम होने से वाहनों की रफ्तार थम गई है। इधर, कोहरे से ठंड भी अचानक बढ़ गई है। जिससे अस्पतालों में सर्दी से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा ने बताया कि अलीगढ़ में धूल के सूक्ष्म कणों की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण धुंध भी हो रही है। धुंध और कोहरा दोनों ही मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। नवंबर के आखिरी महीने में कोहरा होना सामान्य बात है लेकिन अचानक घना कोहरा होने से परेशानी हो रही है। अब हर दिन के साथ कोहरा बढ़ेगा।