किशोरियों को ले जाते हुए जीआरपी अलीगढ़ कर्मी
- फोटो : पुलिस
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस से बिहार से दिल्ली जा रहीं पांच किशोरियों को कंट्रोल रूम की सूचना पर अलीगढ़ स्टेशन पर आरपीएफ व जीआरपी ने उतार लिया। पांचों किशोरियों को चाइल्ड लाइन को साैंप दिया गया है। इन्हें लेने के लिए उनके परिजन पुलिस के साथ अलीगढ़ के लिए निकल गए हैं। जीआरपी को परिजनों के आने का इंतजार है।
जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर व आरपीएफ के पोस्ट कमांडर अमित कुमार सिंह ने बताया कि गाड़ी संख्या 12561 से बिहार के सीतामढ़ी की पांच किशोरियों के दरभंगा स्टेशन से दिल्ली की ओर जाने की सूचना कंट्रोल रूम के जरिए मिली। पांचों बच्चियों के फोटो भी व्हाट्सएप के जरिए मोबाइल पर भेज दिए गए। दिव्यांग कोच में बैठीं पांचों किशोरियों को ट्रेन से नीचे उतार लिया गया।
पूछताछ में पता चला कि सभी सीतामढ़ी के एक मोहल्ले में आसपास की रहने वाली हैं। उनकी उम्र 14 से 16 साल के बीच है। एक किशोरी के माता-पिता का देहांत हो चुका है। वह पहले भी दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के घर काफी दिनों तक रह चुकी थी। वही अन्य चारों किशोरियों को अपने साथ बिना परिजनों को बताए दिल्ली ले जा रही थी। दो किशोरियों के पास मोबाइल भी थे, लेकिन उन्होंने पूरे रास्ते भर खुद के पकड़े जाने के डर से फोन का उपयोग ही नहीं किया। जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि किशोरियों को फिलहाल चाइल्ड लाइन को साैंपा गया है।
ट्रेन में मिलीं पांच किशोरियों के परिजनों का जीआरपी को इंतजार
बिहार से दिल्ली जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस ट्रेन में बुधवार को मिलीं पांचों किशोरियों के मामले में जीआरपी अब परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। जीआरपी व आरपीएफ ने अभियान के दाैरान ट्रेन से बिहार के सीतामढ़ी के थाना बेला के मनपौर में अपने घर से जा रहीं पांच किशोरियों को ट्रेन के दिव्यांग कोच से तलाशकर अलीगढ़ स्टेशन पर उतार लिया था। बिना बताए ही किशोरियों के गायब हो जाने के मामले में परिजनों ने स्थानीय बेला थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी है।
जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर ने बताया कि पांचों किशोरियों को चाइल्ड लाइन को साैंपने के साथ उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। सूचना पर बिहार के सीतामढ़ी से परिजन व थाना पुलिस अलीगढ़ आ रही है। इनके शुक्रवार तक पहुंचने की संभावना है। परिजनों के आने पर ही किशोरियों को उनके सुपुर्द किया जाएगा।