यमुना पट्टी पर बसे टप्पल क्षेत्र के गांव पालर में शनिवार दोपहर नलकूप के कुएं में जहरीली गैस बनने से एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब किसान कुएं की सफाई के लिए उतरा। तभी गैस से दम घुटने पर वह चीखा तो उसकी चीख पर बचाने उतरे महिला सहित चार अन्य लोग भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए और कुएं में गिर गए।
बाद में उन्हें किसी तरह निकालकर कैलाश अस्पताल ले जाया गया। जहां पांचों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ थाने पर एकत्रित होकर आ गई। गुस्साई भीड़ ने मुआवजे और डीएम को बुलाने को लेकर पहले पलवल मार्ग पर और बाद में एक्सप्रेस वे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसएसपी ने भीड़ को समझाकर जाम खुलवाया।
घटनाक्रम के अनुसार पालर निवासी किसान यदुवीर (25) का गांव से 800 मीटर दूरी पर यमुना की ओर खेतों पर 30 फिट गहरे कुएं का नलकूप बना हुआ है। जहां दोपहर में वह अपनी मां के साथ बाजरा की फसल की सिंचाई के लिए गया हुआ था।
इस दौरान कुएं की मोटर में कोई खराबी आ गई और यदुवीर उसकी सफाई के लिए अंदर कुएं में उतरने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों व मां के अनुसार वह अभी 6 फिट नीचे ही उतरा होगा कि अंदर से गैस के संकेत देते हुए चीखा। मगर अगले ही पल दम घुटने के कारण बेहोशी छाने पर वह कुएं में अंदर जा गिरा।
इस पर मां के चीखने पर बचाने की गरज से गांव के गुलवीर (30), शिवकुमार (28 ), प्रेमपाल (28) कुएं में उतरे तो वह भी गैस की चपेट में आने के कारण बेहोश होकर गिर पड़े। यह देख मौके पर मौजूद प्रेमपाल की पत्नी हेमलता (25) भी कुएं में उतर गई और वह भी बेसुध होकर गिर पड़ी।
इसके बाद मचे शोर व चीख-पुकार पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर दौड़ते हुए चले आए और कुएं में कांटा डालकर बड़ी मशक्कत से पांचों को बाहर निकाला गया। मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। हालांकि तत्काल एंबुलेंस को सूचना दे दी गई। मगर घंटों की देरी से एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
इन्हें ग्रामीण तत्काल कैलाश अस्पताल नोएडा लेकर गए। जहां उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया गया। इसी बीच खबर पर एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी देहात डॉ. ब्रजेश सिंह, एडीएम प्रशासन, एसडीएम खैर, टप्पल व खैर थानों की पुलिस भी पहुंच गई। इधर, मौत की खबर पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और भीड़ एकत्रित होकर टप्पल थाने पहुंच गए।
मगर ग्रामीण मुआवजा व जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करते हुए पलवल मार्ग पर जाम लगाकर बैठ गए। कुछ देर बाद एक्सप्रेस वे पर शव रखकर जाम लगा दिया। हालांकि देर शाम समाचार लिखे जाने तक एसएसपी ने मुआवजे का भरोसा देकर जाम खुलवा दिया था। पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा जा रहा था।