बहजोई-बबराला के बीच गांव खजरा-खाकम के पास हाइवे पर रविवार को एक कार की डंपर से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। एक घायल अस्पताल में भर्ती है। हादसे का शिकार हुए परिवार के लोग गोद भराई की रस्म के लिए हरदुआगंज से बदायूं के एक गांव जा रहे थे। मरने वालों में लड़का और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इस दौरान हाइवे पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा।
हरदुआगंज के कलाई गांव निवासी नरदेव शर्मा पेशे से किसान हैं तथा चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। नरदेव शर्मा ने बड़े बेटे विकास का रिश्ता बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के अल्लपुर तिवारी गांव के एक परिवार से तय कर दिया था, जिसे पक्का करने के लिए वह रविवार दोपहर अपने दोनों बेटे, बेटी व पत्नी समेत तीनों बडे़ भाइयों के परिवार को साथ लेकर पूर्वाह्न ग्यारह बजे करीब इस्लामनगर के लिए कारों से रवाना हो गए। जैसे ही यह लोग बहजोई थाना क्षेत्र के खादर खाता मोड़ के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे डंपर ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि इसमें कार सवार चालक योगेश (33) पुत्र कृपाशंकर शर्मा निवासी देवी नगला, अलीगढ़ और सोनी उर्फ सचिन (22) पुत्र नरदेव शर्मा निवासी कलाई, थाना हरदुआगंज, अलीगढ़ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
चार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान राहुल शर्मा (8) पुत्र भोला शंकर शर्मा और साक्षी (6) पुत्री योगेश (दोनों निवासी देवी नगला) ने दम तोड़ दिया। हादसे में घायल विकास शर्मा निवासी कलाई, हरदुआगंज, अलीगढ़ और कामाक्षी (15) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
रास्ते में विकास (23) की भी सांसें थम गईं। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पीछे अन्य गाड़ियों से चल रहे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस अधीक्षक रविशंकर छबि व अपर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव समेत कोतवाल अंजू भदौरिया मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। कोतवाल ने बताया कि तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इधर गांव में सूचना मिलते ही भोला शंकर व परिवार के अन्य लोग घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। हादसे की सूचना के बाद गांव में भी मातम छा गया। वहीं हादसे की सूचना पर बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह भी गांव पहुंच गए तथा घर में मौजूद मृतकों की बहनों से बातचीत कर उन्हें सांत्वना देते हुए ढांढस बंधाया।