खैर रोड स्थित संजय नगर में कूड़े से अटा नाला।
- फोटो : neeraj
मौसम के जानकारों के अनुसार आगामी छह दिनों में मानसून अलीगढ़ में सक्रिय हो जाएगा। यहां बारिश शुरू हो जाएगी। इसके बाद भी शहर में जलनिकासी कराने वाले सभी बड़े नाले बंद है। इन नालों को खोलने और जलनिकासी कराने के लिए खुद मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी को दो बार मीटिंग करनी पड़ी, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम, एनएचएआई, सिंचाई विभाग में तालमेल नहीं होने के कारण इन नालों पर जलनिकासी का काम व्यवस्थित नहीं हुआ है।
शहर में नगर निगम के अंतर्गत 29 संपर्क नाले तथा 5 बड़े नाले/कैनाल नगर की जल निकासी के लिए हैं। इस वक्त पांचों बड़े नालों में पानी रुका हुआ है। ऐसे में अगर भारी बारिश हुई तो पूरे शहर में जलभराव होगा। यही नहीं शहर के अंदर 29 छोटे नालों में अब तक साफ सफाई का काम पूरा नहीं हुआ है।
नालों पर बंधा, पानी रोका
1- सहायक अभियंता (पंचम) मध्य खंड गंगा नहर ने बताया कि लहटोई नाला बौनेर गांव के पास एटा रोड पर एनएचएआई द्वारा पुल चौड़ा करने के दौरान नाला बंद कर दिया गया है।
2- अकराबाद और नानऊ के बीच तथा प्रांतीय खंड पीडब्लूडी हाथरस, सिकंदराराऊ रोड पर आरटीओ ऑफिस ग्राम सोफना के पास भी एनएचएआई द्वारा नाले पर बंधा लगा दिया गया है।
3- आगरा रोड पर जो नाला बना है, उसका ढलान सही नहीं है तथा कार्य भी अपूर्ण है। एनएचआई कर्मी ने बताया कि उक्त रोड पर बने दामोदर अपार्टमेंट की जलनिकासी नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। उक्त नाले की जिम्मेदारी एनएचएआई आगरा की है।
4- जमालपुर नाला भी अवरुद्ध होने के कारण हमेशा पानी रुका रहता है। उक्त नाला एनएचएआई मुरादाबाद के अधिकार क्षेत्र में है।
5- पुराना जीटी रोड सिंधौली गांव से अधोन तक नाले की सफाई का लगभग 28 लाख रुपये का एस्टीमेट नगर निगम को दिया गया है, लेकिन नगर निगम की एनओसी और धनराशि प्राप्त नहीं होने से काम रुका है।