क्वार्सी क्षेत्र के बेगमबाग में 31 दिसंबर 2011 की रात न्यू ईयर पार्टी में डांस से टोकने पर युवक की हत्या के मुकदमे में शहर के प्रमुख सराफ के भतीजे सहित पांच को सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-10 अजय कृष्ण के न्यायालय से सुनाया गया है। खास बात है कि मुकदमे में सराफ के भतीजे का नाम पुलिस चार्जशीट में नहीं था। मगर अदालत में धारा 319 के तहत तलब कर उसे दोषी करार दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी पदम सिंह, सुहेल उस्मानी के अनुसार घटना वाली रात करीब 10.30 बजे वादी मोहित पाठक के दरवाजे पर कुछ लोग डांस कर रहे थे। इस पर उसने मना किया तो हमलावर उसके घर में घुस आए और मारपीट, चाकूबाजी आदि से हमलाकर उसके घर के किरायेदार भाइयों कुशलपाल व जितेंद्र निवासी जिकरपुर टप्पल को जख्मी कर दिया।
इस हमले में घायल जितेंद्र की 4 जनवरी 2012 को ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। इस मुकदमे में दीपक उर्फ दीपू शर्मा निवासी विष्णुपुरी, राजू उर्फ राजकुमार निवासी सुदामापुरी, अमित उर्फ हक्कू निवासी बेगमबाग, रेलवे रोड के नामचीन सर्राफ का भतीजा किट्टी उर्फ हिमांशु निवासी बेगमबाग, संजय शर्मा निवासी रिझौरा सलेमपुर को आरोपी बनाया गया।
हालांकि जांच में किट्टी का नाम निकाला गया। मगर सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने सभी को तलब कर लिया और साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सभी आरोपियों को उम्रकैद व 17-17 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
जेल उपद्रव कांड में छह दोषियों को पांच साल की कैद
जिला कारागार में सात साल पुराने बहुचर्चित उपद्रव कांड में अदालत ने दोषी करार दिए गए छह आरोपियों को 5 साल की सजा और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में बुधवार को सात आरोपियों को बरी किया जा चुका है। यह फैसला एडीजे-7 अजय कुमार त्रिपाठी के न्यायालय से सुनाया गया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी गवेंद्र सिंह के अनुसार एक जनवरी 2010 को जिला कारागार में जमकर उपद्रव हुआ था। बंदियों ने जेल के अंदर बंदी रक्षकों पर हमला बोल दिया था।
तोड़फोड़ हुई और कई अधिकारियों पर हमला कर बेरहमी से पीटा गया। बाहर से पीएसी और पुलिस के पहुंचने व लाठीचार्ज करने पर बंदी नियंत्रित हुए थे। इस उपद्रव के मुकदमे में आरोपी जावेद निवासी काजीपाड़ा, इमरान निवासी मोहल्ला पठानान सासनी गेट, श्याम सुंदर निवासी लालपुर टप्पल, तालिब निवासी शाहजमाल देहली गेट, आसिफ निवासी बनी सराय सासनी गेट, सैयद मुजाहिद निवासी पान दरीबा मेरठ को न्यायालय ने सत्र परीक्षण के बाद बुधवार को दोषी करार दिया था। गुरुवार को इन्हें 5 साल की सजा व 10-10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। वहीं इस मामले में बुधवार को न्यायालय ने हरेंद्र सिंह, वीरेश प्रधान, हरवीर, सिद्धार्थ, अरविंद, सुबोध सिंह, गोलू को दोष मुक्त करार दे दिया था। वहीं कई आरोपी ऐसे हैं, जिनकी पत्रावली अभी अलग है। इन पर अलग से सुनवाई चल रही है।