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अलीगढ़ : फिटनेस सात साल पहले ही खत्म फिर भी स्कूली बच्चों को ढो रही वैन

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सात साल पहले अनफिट होने के बाद भी स्कूली बच्चों को लेकर जाती वैन। - फोटो : CITY OFFICE
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शहर में दौड़ रहे अनफिट निजी वाहनों में स्कूली बच्चे सफर कर रहे हैं। बुधवार को शहर में स्कूली बच्चों को लेकर दौड़ रहे इन वाहनों की पड़ताल की गई तो एक मारुति वैन (यूपी 80 एई 8899) ऐसी मिली, जिसकी फिटनेस सात साल पहले 03 फरवरी 2015 को समाप्त हो गई थी। इस गाड़ी का इंश्योरेंस 14 साल पहले 14 दिसंबर 2007 को खत्म हो गया था। इसके अलावा, विभिन्न वाहन भी बिना फिटनेस के चलते मिले। जर्जर हाल इन वाहनों की न तो फिटनेस जांची जा रही है और न ही कागज देखे जा रहे हैं। ऐसे में हादसा होने पर विभाग लकीर पीटता रह जाता है।
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गाजियाबाद के मोदी नगर में स्कूल बस हादसे में छात्र की मौत ने बच्चों की सुरक्षा पर तमाम सवाल खड़े कर दिए थे। निजी स्कूल वाहनों में तय मानक व सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जा रहा है। तय सीट से अधिक संख्या में बच्चों को बैठाया जाता है। इसके अलावा, परमिट वाले स्कूली वाहनों के अंदर सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। दोपहर करीब एक बजे मैजिक वाहन (यूपी 81 बीटी 2408) जीटी रोड पर स्कूली बच्चों को लेकर जाती मिली। इस गाड़ी की फिटनेस 29 जनवरी 2022 को खत्म हो गई थी, जबकि 31 मार्च 2020 के बाद से टैक्स जमा नहीं हुआ है। जेल रोड पुल पर मारुति वैन (यूपी 81 बीई 1578) में तय संख्या से अधिक बच्चे बैठाए गए थे। इस गाड़ी की फिटनेस 29 जनवरी 2022 को खत्म हो गई थी। मैरिस रोड पर मारुति वैन (यूपी 81 एवी 5543 वैन) में 14 बच्चे बैठे मिले। इस वैन की फिटनेस 02 दिसंबर 2020 में खत्म हो गई थी। इंश्योरेंस भी 25 अप्रैल 2020 को खत्म हो गया था।
आरटीओ ने चलाया अभियान
अलीगढ़। आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन और एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने बुधवार सुबह सिकंदराराऊ में निरीक्षण किया। इस दौरान अमोल चंद्र पब्लिक स्कूल की चार वैन की फिटनेस समाप्त मिली। स्कूल प्रबंधक कोई कागजात नहीं दिखा पाया। इनका चालान करके एआरटीओ को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। अलीगढ़ में बिना कागजात स्कूली बच्चों को ढो रही मैजिक को महुआ खेड़ा थाने में बंद कराया गया। शहर में आठ चालान किए गए, जिसमें एक मिनी बस, चार बड़ी बस और तीन मैजिक थे। इन वाहनों में फिटनेस सर्टिफिकेट और सुरक्षा के मानक नहीं मिले थे।
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मानक के विपरीत एक भी स्कूली वाहन सड़क पर दौड़ता मिला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीएसए व डीआईओएस के माध्यम से प्रधानाध्यापक व प्रबंधकों को पत्र जारी किया जा रहा है। नियमों के बिना एक भी स्कूली वाहन न चलवाने की हिदायत भी दिलवाई जा रही है।
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- अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ।
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