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40 दिन बाद खुले स्कूल: स्कूलों में तिलक.. बाहर बदइंतजामी ने किया बच्चों का स्वागत, कहीं लटके ताले, भरा पानी

Wed, 02 Jul 2025 02:06 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ शहरी क्षेत्र में 61 स्कूलों का विलय कर दिया गया है। नई व्यवस्था के संबंध में अभी शिक्षक और विद्यार्थियों को भी पूरी जानकारी नहीं है। यही वजह रही कि कुछ स्कूलों में ताले लटके मिले तो कहीं कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या भी बहुत ही कम रही। करीब 35 फीसदी बच्चे ही स्कूल पहुंचे। 
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मडराक में उच्च प्राथमिक विद्यालय मे बालिकाओं का तिलक करती शिक्षक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ में गर्मी की छुट्टी के 40 दिन बाद 1 जुलाई को पहली बार स्कूल खुले। विद्यालय पहुंचने पर बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया, लेकिन उससे पहले बच्चों को बाहर बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। बारिश से सड़कें टूटने से उन्हें विद्यालय पहुंचने में दिक्कत हुई तो कई जगह कीचड़ और स्कूल परिसर में जलभराव की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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 कंपोजिट स्कूलों की व्यवस्था लागू करने के बाद शहरी क्षेत्र में 101 स्कूलों की जगह अब 40 स्कूल हैं। 61 स्कूलों का विलय कर दिया गया है। नई व्यवस्था के संबंध में अभी शिक्षक और विद्यार्थियों को भी पूरी जानकारी नहीं है। यही वजह रही कि कुछ स्कूलों में ताले लटके मिले तो कहीं कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या भी बहुत ही कम रही। करीब 35 फीसदी बच्चे ही स्कूल पहुंचे। 
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लोधा क्षेत्र के एलमपुर स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को तिलक लगाकर टॉफियां वितरित की गईं। नगला सिंधी में स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षकों और बच्चों ने रैली निकाली। उच्च प्राथमिक विद्यालय मडराक में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 35 फीसदी रही है। इसका एक कारण सोमवार को हुई बारिश भी है। जहां तक कंपोजिट स्कूलों के संबंध में जानकारी नहीं होने की बात है तो शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा। - डॉ. राकेश कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी

मुख्य द्वार पर लटका था ताला, पीछे के दरवाजे से आए शिक्षक

1- बौनेर के जोरावर नगर गांव में प्राथमिक विद्यालय, समय- 10.40 बजे सुबह
स्थिति : मुख्य द्वार पर ताला लटका है। पीछे से खेतों की ओर से एक छोटा सा गेट खुला हुआ है। उसमें से शिक्षकों ने अंदर प्रवेश किया। कक्षा में बेंच उल्टी सीधी पड़ी हुई थीं। छात्र नहीं थे। शिक्षक बिना छात्रों के ही बैठे हुए थे। जब इस बारे में पूछा गया तो बताया कि सचिव द्वारा आदेश तो किया गया है, लेकिन हमारे पास अधिकारियों का कोई आदेश नहीं आया है।

क्लास में खड़ी थी स्कूटी, प्रसाधन की हालत बदहाल
2- गांव गड़ियावली स्थित प्राथमिक विद्यालय, समय 10.55

स्थिति : इस विद्यालय में पहले से ही एक स्कूल विलय हो चुका है। एक स्कूल का हाल में विलय किया गया है। विद्यालय में शिक्षण कक्ष खाली पड़े हुए हैं। एक कक्षा में शिक्षक की स्कूटी खड़ी थी। स्कूल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक शौचालय बनाया गया था, लेकिन इसका गेट, शीट और वॉश बेसिन टूटा हुआ था। अंदर भी बहुत गंदगी थी। शिक्षकों ने बताया कि यहां पर पढ़ने आने वाले बच्चे अपनी प्रसाधन संबंधी जरूरतों के लिए घर पर जाते हैं।
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पूरे स्कूल में एक कक्षा में बैठे मिले तीन विद्यार्थी

3- विष्णुपुरी बेलामार्ग स्थित बालक प्राथमिक पाठशाला, समय- 11.40 बजे
स्थिति :
यहां पर तीन स्कूलों का विलय किया गया है। इनमें बालक प्राथमिक पाठशाला संख्या-29 और कन्या प्राथमिक पाठशाला संख्या-41 शामिल हैं। इनको मिलाकर बालक प्राथमिक पाठशाला संख्या-44 बनाया गया है। पूरे स्कूल में एक कक्षा में तीन विद्यार्थी थे। बताया गया कि कुछ अन्य विद्यार्थी भी आए थे, लेकिन उनके अभिभावक उन्हें ले गए।

चार कमरों में चार स्कूल, दो में लगा ताला, एक में बैठीं थी दो छात्राएं
4- दोदपुर स्थित कन्या पाठशाला-34 और 44, समय 12 बजे दोपहर
स्थिति :
यहां पर बालक पाठशाला संख्या-10 और 61 संचालित हो रही है। चार स्कूल एक परिसर में हैं। यहां चार कमरे हैं। प्रत्येक कमरे को एक स्कूल बना दिया गया है। बालक पाठशाला संख्या 10 और 61 में ताला लगा हुआ पाया गया। कन्या पाठशाला संख्या-44 में दो छात्राएं बैठी थीं। इसके अलावा पूरा स्कूल खाली था।
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