1- बौनेर के जोरावर नगर गांव में प्राथमिक विद्यालय, समय- 10.40 बजे सुबह
स्थिति : मुख्य द्वार पर ताला लटका है। पीछे से खेतों की ओर से एक छोटा सा गेट खुला हुआ है। उसमें से शिक्षकों ने अंदर प्रवेश किया। कक्षा में बेंच उल्टी सीधी पड़ी हुई थीं। छात्र नहीं थे। शिक्षक बिना छात्रों के ही बैठे हुए थे। जब इस बारे में पूछा गया तो बताया कि सचिव द्वारा आदेश तो किया गया है, लेकिन हमारे पास अधिकारियों का कोई आदेश नहीं आया है।
क्लास में खड़ी थी स्कूटी, प्रसाधन की हालत बदहाल
2- गांव गड़ियावली स्थित प्राथमिक विद्यालय, समय 10.55
स्थिति : इस विद्यालय में पहले से ही एक स्कूल विलय हो चुका है। एक स्कूल का हाल में विलय किया गया है। विद्यालय में शिक्षण कक्ष खाली पड़े हुए हैं। एक कक्षा में शिक्षक की स्कूटी खड़ी थी। स्कूल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक शौचालय बनाया गया था, लेकिन इसका गेट, शीट और वॉश बेसिन टूटा हुआ था। अंदर भी बहुत गंदगी थी। शिक्षकों ने बताया कि यहां पर पढ़ने आने वाले बच्चे अपनी प्रसाधन संबंधी जरूरतों के लिए घर पर जाते हैं।
3- विष्णुपुरी बेलामार्ग स्थित बालक प्राथमिक पाठशाला, समय- 11.40 बजे
स्थिति : यहां पर तीन स्कूलों का विलय किया गया है। इनमें बालक प्राथमिक पाठशाला संख्या-29 और कन्या प्राथमिक पाठशाला संख्या-41 शामिल हैं। इनको मिलाकर बालक प्राथमिक पाठशाला संख्या-44 बनाया गया है। पूरे स्कूल में एक कक्षा में तीन विद्यार्थी थे। बताया गया कि कुछ अन्य विद्यार्थी भी आए थे, लेकिन उनके अभिभावक उन्हें ले गए।
चार कमरों में चार स्कूल, दो में लगा ताला, एक में बैठीं थी दो छात्राएं
4- दोदपुर स्थित कन्या पाठशाला-34 और 44, समय 12 बजे दोपहर
स्थिति : यहां पर बालक पाठशाला संख्या-10 और 61 संचालित हो रही है। चार स्कूल एक परिसर में हैं। यहां चार कमरे हैं। प्रत्येक कमरे को एक स्कूल बना दिया गया है। बालक पाठशाला संख्या 10 और 61 में ताला लगा हुआ पाया गया। कन्या पाठशाला संख्या-44 में दो छात्राएं बैठी थीं। इसके अलावा पूरा स्कूल खाली था।