सरकारी राशन वितरण में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए लागू हुई बायोमैट्रिक्स व्यवस्था पहले ही दिन फेल हो गई। मंगलवार को वितरण दिवस के पहले दिन नगरीय क्षेत्र में मशीनों के काम न करने पर पुरानी व्यवस्था के तहत ही राशन वितरित किया गया।
बायोमैट्रिक मशीनों के काम न करने की वजह संबंधित कंपनी को आधार कार्ड के प्रमाणीकरण का अधिकार न मिलना बताया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले वितरण दिवस (शुक्रवार) तक यह खामी दूर हो जाएगी।
जून माह से राशन वितरण में नई व्यवस्था लागू होनी है। उपभोक्ताओं को बायोमैट्रिक्स मशीनों के जरिए राशन मिलना है। पूर्ति विभाग ने पिछले माह ही जिले के सभी राशन दुकानदारों के यहां बायोमैट्रिक्स मशीनें लगवा दी थी। डीलरों को उनके संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया, लेकिन जून के पहले राशन वितरण दिवस पर ही मशीनों ने काम नहीं किया।
बताते चलें कि माह की शुरुआत में पांच एवं छह तारीख को शहरी क्षेत्र के अंत्योदय कार्ड धारकों को राशन वितरित होता है। आठ एवं नौ तारीख से पात्र गृहस्थी उपभोक्ताओं को राशन मिलता है। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज कुमार ने स्वीकार किया कि बायोमैट्रिक्स मशीनों को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए अधिकृत कंपनी को अभी आधार कार्ड प्रमाणीकरण का अधिकार न मिलने के कारण पहले दिन मशीनों से राशन नहीं दिया जा सका। गुरुवार तक यह खामी दूर होने के आसार हैं।